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Amelia Kerr: '2010 में मिली हार न्यूजीलैंड के लिए विश्व कप जीतने की प्रेरणा बनी', अमेलिया कर का बयान

Thu, 30 Jan 2025 11:07 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमेलिया कर ने कहा- मैंने टीवी पर न्यूजीलैंड की महिला टीम को टी20 विश्व कप फाइनल हारते देखा। उसी समय मैने तय किया कि मैं भी न्यूजीलैंड के लिए क्रिकेट खेलूंगी और एक दिन विश्व कप जीतूंगी।
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अमेलिया कर - फोटो : ICC
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विस्तार
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क्रिकेटरों के परिवार से ताल्लुक रखने वाली अमेलिया कर के लिए यूं तो डीएनए में ही क्रिकेट था लेकिन 2010 में वेस्टइंडीज में हुए टी20 विश्व कप में न्यूजीलैंड महिला टीम की आस्ट्रेलिया के हाथों फाइनल में हार ने उन्हें क्रिकेटर बनने और देश के लिए विश्व कप जीतने की प्रेरणा दी।
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14 साल बाद उन्होंने न सिर्फ वह सपना पूरा किया बल्कि 2024 महिला टी20 विश्व कप में खिताबी जीत के साथ 'प्लेयर आफ द टूर्नामेंट' और फाइनल में 'प्लेयर आफ द मैच' रही। वह 2024 में शानदार प्रदर्शन के कारण आईसीसी वर्ष की सर्वश्रेष्ठ टी20 क्रिकेटर और सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर भी चुनी गई।

2010 में टीम की हार के बाद लिया फैसला
कर ने आईसीसी द्वारा चुनिंदा पत्रकारों के साथ कराए गए साक्षात्कार में कहा, मैं 11 या 12 साल की थी जब वेलिंगटन में हमारे तावा कॉलेज के लड़कों की टीम ने एक टूर्नामेंट जीता। मैं उस टीम में अकेली लड़की और कप्तान थी। इससे पहले मैंने टीवी पर न्यूजीलैंड की महिला टीम को टी20 विश्व कप फाइनल हारते देखा। उसी समय मैने तय किया कि मैं भी न्यूजीलैंड के लिये क्रिकेट खेलूंगी और एक दिन विश्व कप जीतूंगी।

24 वर्ष की इस लेग स्पिन हरफनमौला ने कहा, यह बहुत खास है। हम खिलाड़ी पुरस्कार के बारे में ज्यादा नहीं सोचते लेकिन पीछे मुड़कर देखूं तो टी20 विश्व कप की जीत जेहन में आती है। यह वाकई बहुत खास है।

'मेरा बचपन खेलते हुए बीता'
पिछले साल 18 टी20 मैचों में अमेलिया ने 29 विकेट लिए और 387 रन बनाए थे। उन्होंने आगे कहा, मेरा बचपन खेलते हुए बीता। सिर्फ क्रिकेट ही नहीं बल्कि दूसरे भी खेल। मैने लड़कों के साथ क्रिकेट खेली जिससे अपना खेल निखारने में काफी मदद मिली।
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भावनाओं पर कैसे पाती हैं काबू?
यह पूछने पर कि मैदान पर तनाव के बीच वह शांतचित्त कैसे रहती हैं, उन्होंने इसका श्रेय अपनी परवरिश को दिया। कर ने कहा, मैं बचपन से ऐसी हूं और इसका श्रेय मेरे परिवार को जाता है। मेरे पिता ने मुझसे एक बार कहा था कि अगर वह मैदान पर आए और मैं आउट होने के बाद लौट रही हूं तो मेरे चेहरे से उन्हें यह पता नहीं चलना चाहिए कि मैंने शतक बनाया है या जीरो पर आउट हुई हूं।
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