देवभूमि के विकास पर मंथन के लिए उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अमर उजाला की ओर से संवाद उत्तराखंड का आयोजन 10 जून को होने जा रहा है। इसमें देश की नामी गिरामी हस्तियां एक मंच पर राजनीति, रक्षा, स्वास्थ्य, सिनेमा, खेल और अध्यात्म पर चर्चा करेंगी। इसमें भारतीय टीम के पूर्व स्पिनर और क्रिकेट कमेंटेटर हरभजन सिंह भी हिस्सा लेंगे और भारतीय टेस्ट टीम के नए कप्तान और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज पर अपनी राय रखेंगे।
400 विकेट लेने वाले पहले भारतीय ऑफ स्पिनर
हरभजन सिंह ने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत साल 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैच से की थी। टेस्ट मैच में डेब्यू करने के बाद से हरभजन सिंह कई शानदार टेस्ट जीत का हिस्सा रहे। हरभजन सिंह ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में अब तक 103 टेस्ट मैच खेलें हैं जिसमें उन्होंने 417 विकेट लिए हैं। वह 400 विकेट लेने वाले पहले भारतीय ऑफ स्पिनर हैं। हरभजन सिंह ने टेस्ट में 5 बार एक टेस्ट मैच में 10 विकेट लिए हैं औक 25 बार एक पारी में 5 विकेट चटकाएं हैं।
ऐसे पड़ा टर्बनेटर नाम
हरभजन सिंह अपने करियर की शुरुआत में ही ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी टीम के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करके चर्चा में आ गए। इसके बाद तो मानों जैसे ही ऑस्ट्रेलिया टीम के साथ भारत मैच होता तो उस मैच में हरभजन सिंह का प्रदर्शन और भी बढ़िया हो जाता है। यही कारण है कि ऑस्ट्रेलिया मीडिया ने हरभजन सिहं को टर्बनेटर नाम दिया। क्योंकि वह सिख हैं और पग बांधते हैं। वहीं टर्मनेट का मतलब होता है तहस नहस कर देने वाला। इन दोनों शब्दों को जोड़कर हरभजन सिंह को टर्बनेटर नाम मिला।
लक्ष्मण के साथ की थी यादगार साझेदारी
साल 2012 में न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में भारत पर हार का खतरा मंडरा रहा था। ऐसे में भज्जी ने वीवीएस लक्ष्मण के साथ 163 रनों की साझेदारी कर मैच बचाया था। इस मैच में उन्होंने अपने करियर का पहला शतक लगाया था और भारत को हारने से बचाया था। उन्होंने 193 गेंद में 11 चौके और तीन छक्कों की मदद से 115 रन बनाए थे। इस मैच की दूसरी पारी में भारत के छह विकेट सिर्फ 82 रन पर गिर गए थे, लेकिन भज्जी और लक्ष्मण ने टीम इंडिया का स्कोर 266 तक पहुंचाया। इसके बाद उन्होंने टेस्ट में दूसरा शतक भी बनाया।
हरभजन सिंह का करियर
भज्जी भारत के दिग्गज गेंदबाजों में से एक रहे हैं। वह 2007 में टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम और 2011 में वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं। हरभजन ने भारत के लिए डेब्यू मार्च 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेंगलुरु में टेस्ट से किया था। इसके बाद अप्रैल 1998 में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ शारजाह में पहला वनडे खेला था। भज्जी ने अपना पहला टी20 मैच 2006 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जोहानिसबर्ग में खेला था। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में 103 टेस्ट, 236 वनडे और 28 टी20 खेले हैं।
टेस्ट में भज्जी के नाम 417 विकेट, वनडे में 269 विकेट और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 25 विकेट हैं। टेस्ट में उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 84 रन देकर आठ विकेट, वनडे में उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी 31 रन देकर पांच विकेट और टी20 में 12 रन देकर चार विकेट हैं। टेस्ट में हरभजन ने 25 बार पारी में पांच विकेट लिए, जबकि वनडे में उन्होंने ऐसा तीन बार किया। टेस्ट में भज्जी ने 18.22 की औसत से 2224 रन, वनडे में 1237 रन और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 108 रन बनाए हैं। टेस्ट में भज्जी के नाम दो शतक और नौ अर्धशतक हैं। इसके अलावा हरभजन 163 आईपीएल मैचों में 150 विकेट ले चुके हैं। उनका इकोनॉमी रेट 7.07 का रहा है।