भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के बाद एक बार फिर आईपीएल 2025 का रोमांच शुरू होने जा रहा है। 17 मई से बचे हुए मुकाबले खेले जाएंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एहतियातन आईपीएल के मौजूदा सत्र को एक हफ्ते के लिए स्थगित करने का एलान किया था। अब एक बार फिर जब टूर्नामेंट की शुरुआत हो रही है तो चर्चा पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच धर्मशाला में खेले गए मुकाबले की भी होने लगी है। दरअसल, ये वही मैच है जिसको बिना किसी नतीजे के बीच में ही रद्द कर दिया गया था।
अब ऑस्ट्रेलिया की कप्तान एलिसा हीली ने उस रात क्या क्या हुआ था उसका एक इंटरव्यू में खुलासा किया है। आइये जानते हैं...
बीच में रोका गया था मुकाबला
आठ मई (गुरुवार) की रात पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच धर्मशाला में मुकाबला खेला जा रहा था। करीब साढ़े आठ बजे पाकिस्तान की ओर से कई सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन से हमला किया गया। सुरक्षा कारणों से मैच को बीच में ही रद्द कर दिया गया क्योंकि आसपास के इलाकों में हवाई हमले की चेतावनी दी गई थी जिससे शहर में ‘ब्लैकआउट’ कर दिया गया। धर्मशाला में एहतियातन खिलाड़ियों और अंपायरों को मैदान से बाहर ले जाया गया और फिर फ्लड लाइट्स भी बंद कर दी गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मैच को रद्द कर दिया गया।
एलिसा हीली ने सुनाई दास्तां
जिस वक्त यह घटना हुई मिचेल स्टार्क की पत्नी एलिसा हीली स्टैंड्स में मौजूद थीं। उनके साथ अन्य खिलाड़ियों के परिवार के सदस्य भी थे। हीली ने एक इंटरव्यू में बताया कि मैच रोके जाने पर उन्हें सब कुछ सामान्य लगा लेकिन बाद में स्थिति बदल गई। 'विलोटॉक' पॉडकास्ट पर हीली ने कहा- 'बिजली के कुछ टावर की बत्ती गुल हो गई और हम बस वहीं इंतजार कर रहे थे। मैंने कुछ सीट दूर अफवाह सुनी कि हमें स्टेडियम खाली करना पड़ सकता है क्योंकि बिजली गुल हो गई है।'
'हमें भी जाना चाहिए'
एलिसा आगे बताती हैं कि, 'उसने कहा कि हमें अभी जाना चाहिए। और हम कह रहे थे, 'ओह, यह ठीक है।' जैसे कि हम बाकी सभी को स्टेडियम से पहले बाहर जाने देना और वहां रुके रहना बेहतर समझते हैं। हम शायद यहां सुरक्षित हैं क्योंकि हर जगह लोग सीढ़ियों से नीचे उतर रहे होंगे।'
'फाफ ने जूते भी नहीं पहने थे'
एलिसा ने बताया कि इसके बाद इसके बाद चीजें तेजी से बदल गईं और उन्हें उस जगह ले जाया गया जहां पंजाब और दिल्ली के खिलाड़ी मौजूद थे। हीली कहती हैं, 'फिर एक और आदमी बाहर आया, उसका चेहरा सफेद पड़ चुका था, उसने एक बच्चे को पकड़ लिया और कहा ‘हमें अभी निकलना होगा’। एलिसा ने कहा कि यह इतनी तेजी से हुआ कि फाफ डु प्लेसी कमरे में बिना जूतों के थे। उन्होंने कहा, 'खिलाड़ी वहां थे। फाफ ने जूते भी नहीं पहने थे। वे सभी वहां बस इंतजार कर रहे थे और तनाव में दिख रहे थे। मैंने मिच से पूछा, ‘क्या हो रहा है?’ और उसने कहा, ‘60 किलोमीटर दूर शहर में अभी-अभी मिसाइलों से हमला हुआ है’। और इसलिए इलाके में पूरी तरह से ब्लैकआउट हो गया था।'
'हमें वैन में ठूंस दिया गया और..'
दोनों टीमों को लंबी सड़क और ट्रेन यात्रा के माध्यम से दिल्ली लाया गया। एलिसा ने कहा, 'अचानक हमें वैन में ठूंस दिया गया और हम होटल वापस चले गए। वहां स्थिति काफी अच्छी नहीं थी। हम पंजाब के कुछ खिलाड़ियों के साथ बस में बैठे थे। मुझे लगता है कि श्रेयस मेरी बस में था। यह ऐसा था जैसे आप वहां से निकलते ही वैन में चढ़ जाएं।'
कड़ी सुरक्षा के बीच धर्मशाला से निकाले गए थे खिलाड़ी
कांगड़ा पुलिस अधीक्षक शालिनी अग्निहोत्री ने बताया था कि दोनों टीमों के खिलाड़ियों को कड़ी सुरक्षा के बीच धर्मशाला से होशियारपुर के रास्ते जालंधर रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया गया और वहां से विशेष ट्रेन के जरिए उन्हें दिल्ली भेजा गया। अधिकारी ने कहा, 'शुक्रवार की सुबह खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और प्रसारण कर्मियों सहित दोनों टीमों के पूरे दल को लगभग 40 से 50 छोटे वाहनों में धर्मशाला से पंजाब की सीमा पर स्थित होशियारपुर ले जाया गया।' उन्होंने कहा कि इस काफिले को कांगड़ा पुलिस ने सुरक्षा मुहैया कराई और वाहनों के होशियारपुर पहुंचने के बाद पंजाब पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली। वहां से उन्हें विशेष रूप से तैयार ट्रेन में सवार होने के लिए जालंधर ले जाया गया।