भारतीय टीम के अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा टीम के पूर्व ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले से वाकिफ नहीं थे। जडेजा का कहना है कि उन्हें अश्विन के संन्यास की खबर पांच मिनट पहले ही लगी थी। जडेजा ने बताया कि वह और अश्विन तीसरे टेस्ट के अंतिम दिन साथ बैठे थे, लेकिन इस स्पिनर ने उन्हें जरा भी संकेत नहीं दिया कि वह संन्यास लेने जा रहे हैं।
अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिसबेन में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। भारतीय टीम ने मेलबर्न में पहले अभ्यास में हिस्सा लिया। इस दौरान जडेजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और अश्विन के संन्यास लेने पर अपनी राय रखी।
जडेजा ने कहा, मुझे इस बारे में आखिरी मिनटों में ही पता चला था। अश्विन के प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से ठीक पहले, शायद पांच मिनट पहले मुझे किसी ने बताया कि अश्विन संन्यास लेने वाले हैं। जाहिर है कि मैं आश्चर्य था क्योंकि पूरे दिन हम साथ में ही बैठे थे। उन्होंने मुझे संकेत तक नहीं दिए और मुझे अंत में जाकर पता चला। हां, हम सभी अश्विन के दिमाग के बारे में जानते हैं कि वह किस तरह काम करते हैं।
जडेजा बोले - टीम को आग बढ़ना होगा
अश्विन के संन्यास ने क्रिकेट जगत को चौंका दिया, लेकिन जडेजा का मानना है कि टीम को आगे बढ़ना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि जो भी युवा खिलाड़ी अश्विन की जगह आए उसे ज्यादा से ज्यादा अनुभव मिले। जडेजा ने कहा, हमें आगे बढ़ना ही होगा। भारत में ऐसा नहीं है कि किसी खिलाड़ी का विकल्प मौजूद ना हो। सभी को पता है कि उनके बाद कोई आएगा जो उनकी जगह लेगा। टीम में आ रहे युवाओं के लिए यह अच्छा मौका है कि वे खुद को इस स्तर पर साबित करें।
तीन टेस्ट में तीन स्पिनरों को मिला मौका
भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले तीन टेस्ट मैचों में तीन अलग स्पिनरों को मौका दिया। वाशिंगटन सुंदर पर्थ टेस्ट में एकमात्र स्पिनर के तौर पर खेले, जबकि एडिलेड में खेले गए पिंक बॉल टेस्ट में अश्विन को प्लेइंग-11 में जगह मिली। इसके बाद तीसरे टेस्ट में अश्विन की जगह जडेजा को मौका दिया गया। टीम में वापसी पर जडेजा ने गाबा टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन किया और पहली पारी में 77 रन बनाए।
जडेजा ने कहा, पहले दो टेस्ट मैच में खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन इससे मुझे अभ्यास करने का मौका मिला और इन परिस्थितियों में ढल सका। पूरे समय मैं परिस्थितियों को समझता रहा और इन पिचों पर बल्लेबाजी तथा गेंदबाजी की। इससे मुझे इन परिस्थितियों में ढलने का मौका मिला। नेट्स पर की गई कड़ी मेहनत से मुकाबले में मैं प्रदर्शन करने में सफल रहा।