बीसीसीआई ने उन आरोपों को नकारते हुए सफाई दी है कि उसने 2009 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित आईपीएल-2 में फेमा के नियमों का उल्लंघन नहीं किया था।
साथ ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने कहा कि आईपीएल-2 के लिए किए गए सभी भुगतान वैध थे।
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई को विदेशी मुद्रा विनिमय अधिनियम (फेमा) उल्लंघन के लिए प्रवर्तन निदेशालय ने नोटिस जारी करते हुए कहा है कि बोर्ड ने दक्षिण अफ्रीका में एक खाता खुलवाया था और क्रिकेट साउथ अफ्रीका (सीएसए) से एक करार कर उसकी मदद से 250 करोड़ रुपये उस खाते में डाले थे।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुताबिक बोर्ड ने ऐसे तरीकों से 1600 करोड़ रुपये का अवैध विनिमय विदेश में किया है।
इस आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए बीसीसीआई सचिव संजय पटेल ने कहा, "बीसीसीआई स्पष्ट करना चाहता है कि ये नोटिस जुलाई 2011 और अक्टूबर 2011 में जारी किए गए थे और बीसीसीआई ने इन आरोपों का खंडन विस्तृत उत्तरों में दिया है। बोर्ड एक बार फिर दोहराता है कि आईपीएल के सभी भुगतान बिल्कुल सही और वैध थे।"