सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीसीसीआई सचिव पद से हटाए गए अजय शिर्के एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। शिर्के पर भारत और इंग्लैंड के बीच होने वाली वनडे सीरीज में रोड़े अटकाने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले शिर्के ने इंग्लैंड ऐंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के अध्यक्ष जाइल्स क्लार्क को फोन करके वनडे और टी20 सीरीज की मेजबानी में होने वाली 'दिक्कतों' के बारे में बताया था।
जस्टिस लोढ़ा की अध्यक्षता वाली समिति के सूत्रों ने मीडिया को इस बात की पुष्टि भी की है। सूत्रों ने यह भी कहा कि क्लार्क ने बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी को ईमेल लिखकर पूछा कि क्या बीसीसीआई दौरे पर इंग्लैंड टीम की देखभाल पहले की तरह ही करेगी।
क्लार्क ने ईमेल में लिखा है, “मुझे मिस्टर शिर्के की ओर से कॉल्स आई हैं। मेरी जानकारी में अब वह बीसीसीआई के सचिव नहीं हैं। क्या आप यह कन्फर्म कर सकते हैं कि बीसीसीआई की ओर इंग्लैंड टीम की देखभाल पूरी सुरक्षा के साथ की जाएगी। उन्हें दैनिक भत्ते, होटल बिल और ट्रांसपोर्ट आदि की सुविधा मुहैया कराई जाएगी? जाहिर तौर पर मैच कहां करवाने हैं यह बीसीसीआई का अधिकार है, लेकिन कृपया हमें जल्दी बताएं कि क्या दौरे का कार्यक्रम वही है या इसमें कोई बदलाव हुआ है।”
शिर्के ने किया इंकार, आरोपों को बताया साजिश
अनुराग ठाकुर
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दूसरी ओर, अजय शिर्के ने इन सभी आरोपों से इनकार किया है। जब ईसीबी प्रमुख को कॉल करने पर उनसे सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि कुछ तत्व उनकी छवि को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग जो भी कहना चाहते हैं, कह सकते हैं। यह कुछ और नहीं, बल्कि झूठ का पुलिंदा है।
महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के पूर्व अध्यक्ष ने इसके साथ ही कहा कि पद से हटाए जाने के बाद वे एसोसिएशन को पुणे में वनडे मैच के अच्छी तरह से आयोजित करने में पूरा सहयोग कर रहे हैं। शिर्के ने कहा, मैं यह इसलिए कर रहा हूं क्योंकि मैं खेल के हित में काम करना चाहता हूं।
शिर्के के साथ–साथ सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को भी अध्यक्ष पद से हटाया था। 2 जनवरी को सुनाए इस फैसले ने कोर्ट ने कहा कि दोनों ही अधिकारी लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने में दिक्कतें पैदा कर रहे हैं।