उन्होंने कहा कि थकान इसका कारण हो सकता है। उन्होंने कहा, 'भारत में वेस्ट इंडीज के खिलाफ सीरीज से हमारा क्षेत्ररक्षण खराब होना शुरू हुआ। हम औसत प्रदर्शन ही कर रहे हैं। यह विश्व कप या उससे पहले के हमारे प्रदर्शन की तुलना में कहीं नहीं है।'
श्रीधर ने कहा कि टीम प्रबंधन की नजरें खिलाड़ियों के अभ्यास के कार्यक्रम और कार्यभार पर है। उन्होंने कहा, 'टी-20 मैच में हर फील्डर अपना कप्तान खुद होता है। उसे कप्तान के इशारे की जरूरत नहीं होती। हम उन्हें यही बताने की कोशिश करेंगे कि फील्डिंग में सभी कप्तान है। हवा का रूख देखकर अपनी जगह तय करो।'
भारत का फील्डिंग अभ्यास इस दौरे पर हो नहीं सका है। टी-20 सीरीज से पहले सिर्फ एक सत्र रहा जबकि तीन सत्र वैकल्पिक थे। श्रीधर ने कहा, 'मौजूदा कार्यक्रम की वजह से ऐसा ही होगा और इसे स्वीकार करना होगा। हमें वीडियो देखकर अपनी गलतियों का पता करना होगा। कार्यक्रम व्यस्त है, लेकिन इसे बहाना नहीं बनाया जा सकता। हमें बेहतर प्रदर्शन करना होगा।'
मैच के बाद विराट कोहली ने भारतीय टीम की फिल्डिंग को साधारण बताया था। महज 10 रन पर खेल रहे टेलर स्लॉग स्विप करने के प्रयास में शॉट हवा में मार बैठे। फाइन लेग पर खड़े कुलदीप यादव के पास सुनहरा मौका था। हालांकि कैच आसान नहीं था, लेकिन एक इंटरनेशनल खिलाड़ी से असाधारण प्रदर्शन की उम्मीद की ही जा सकती है।
बाएं हाथ के कलाई स्पिनर कुलदीप ने निराश किया। टेलर ने 84 गेंदों में 109 रन की मैच जिताऊ पारी खेल डाली। कैच के अलावा मोहम्मद शमी ने डीप पर दो बार गेंद बाउंड्री के पार जाने दी। हेनरी निकोलस का रनआउट देखने के बाद ऐसा लगा मानो मैदान पर अकेले विराट कोहली ही पूरे जज्बे के साथ फिल्डिंग कर रहे हैं।