फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Champions Trophy: 'चुनौती कड़ी हो तो उसका डट कर सामना करें', खिताबी जीत के बाद हार्दिक पांड्या ने दिया बयान

Mon, 10 Mar 2025 03:55 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई

सार

जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में हार्दिक को मोहम्मद शमी के साथ नई गेंद से जिम्मेदारी संभालनी थी। हार्दिक टीम प्रबंधन के भरोसे पर खरे उतरे और उन्होंने पांच मैचों में 24.3 ओवर गेंदबाजी की और चार विकेट लेने में सफल रहे।
विज्ञापन
हार्दिक पांड्या - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय टीम के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या पर चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कई तरह की चुनौतियां थी। स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में हार्दिक को मोहम्मद शमी के साथ नई गेंद से जिम्मेदारी संभालनी थी। हार्दिक टीम प्रबंधन के भरोसे पर खरे उतरे और उन्होंने पांच मैचों में 24.3 ओवर गेंदबाजी की और चार विकेट लेने में सफल रहे। भारत को चैंपियंस ट्रॉफी में मिली खिताबी जीत के बाद हार्दिक ने कहा कि जब चुनौती कड़ी हो तो उसका डट कर सामना करना चाहिए और उनकी संघर्ष करने की क्षमताओं ने उन्हें नई भूमिका में ढलने में मदद की। 
विज्ञापन

हार्दिक ने भारत की खिताबी जीत के बाद कहा, गेंदबाजी अपना काम खुद करती है। यह साल सीखने और चुनौतियों से भरा रहा। मेरी मानसिकता ने मुझे कभी चुनौतियों से भागना नहीं सिखाया। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि अगर चुनौतियां कठिन हैं तो इसका डटकर सामना करो। अगर आप मैदान नहीं छोड़ते हैं, तो आपके पास मौका होता है।

बेहतरीन प्रदर्शन के लिए कर रहे हैं मेहनत 
हार्दिक ने कहा कि वह बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने कहा, मुझे हमेशा खुद पर भरोसा रहा है कि मैं यह कर सकता हूं और साथ ही पर्दे के पीछे की गई कड़ी मेहनत रंग लाती है। मेरा हमेशा मानना है कि आप जिस तरह से तैयारी करते हैं, आप उसे खेल में भी दिखा पाएंगे।
विज्ञापन

हार्दिक बोले- एक अधूरा सपना पूरा हुआ
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में जीत ने हार्दिक को 2017 के टूर्नामेंट में पाकिस्तान से भारत की हार की कड़वी यादों को मिटाने में भी मदद की जिसका वह भी हिस्सा थे। हार्दिक ने कहा, मैं कह सकता हूं कि एक अधूरा सपना पूरा हो गया, लेकिन आठ साल बहुत लंबा समय होता है। आठ साल में जीवन में बहुत कुछ हुआ, लेकिन साथ ही जीतना और वह भी भारत के लिए, मेरे लिए यह बहुत-बहुत महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें