भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी कोलकाता में भी पहले दिन से टर्निंग विकेट की मांग पर बवाल खड़ा हो गया है। ईडन गार्डंस के पिच क्यूरेटर प्रबीर मुखर्जी ने धोनी की इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि कप्तान का मनमाफिक पिच की मांग करना अनैतिक है। उनका कहना था कि अगर धोनी चांद मांगेंगे तो क्या उन्हें चांद दे दिया जाएगा।
प्रबीर के इस बयान के बाद नाराज बीसीसीआई ने आशीष भौमिक को ईडन गार्डंस में टर्निंग पिच बनाने की जिम्मेदारी सौंप दी। बोर्ड के इस फैसले से नाराज प्रबीर एक महीने के मेडिकल लीव पर चले गए और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (कैब) से अपने इस्तीफे की पेशकश कर दी।
कैब अध्यक्ष जगमोहन डालमिया के साथ बीच बचाव के बाद प्रबीर फिर से काम पर लौट आए। लेकिन इस बवाल ने पूर्व क्रिकेटरों और क्रिकेट विशेषज्ञों के बीच नए बहस को जन्म दे दिया है। पूर्व कप्तान सौरव गांगुली समेत कई पूर्व क्रिकेटर टर्निंग पिच की मांग पर उठे बवाल पर एक मत नहीं दिखे।
गांगुली ने कहा कि ‘प्रबीर दा से कोई चीज की मांग करना दीवार से बातें करने जैसा है। प्रवीर किसी की नहीं सुनते हैं। उन्होंने मेरी भी नहीं सुनी। वह अपने हिसाब से ही मांग करते हैं। यह लोहे के चने चबाने से कम नहीं है।’ वहीं कीर्ति आजाद ने कहा, ‘धोनी की मांग जायज है। लेकिन सवाल यह है कि वानखेड़े में भी टर्निंग पिच की मांग की गई थी और टीम तीन स्पिनरों से मैदान में उतरी, फिर भी करारी हार का मुंह देखना पड़ा।’
टीम में मौजूदा खिलाड़ी गौतम गंभीर ने भी अपने कप्तान की मांग का समर्थन किया है। बकौल गंभीर, ‘धोनी कप्तान हैं। उनकी बात को सभी को माननी चाहिए। उनकी मर्जी की पिच मिलना ही चाहिए।’ वहीं, पूर्व कप्तान कपिल देव तो धोनी की इस मांग को जायज नहीं ठहराते हैं। बकौल कपिल, ‘धोनी को टर्निंग पिच की डिमांड करने बजाए माकूल पिच की गुजारिश करनी चाहिए। यह क्रिकेट के लिए अच्छा होता।’