मगर अब 38 साल बाद जाकर कपिल को उनके भविष्य निधि का भुगतान किया गया है। कंपनी के डेप्युटी सेक्रेटरी राजेंद्र शर्मा ने इसकी जानकारी दी। दरअसल, मोदी मिल 1994 में ही बंद हो गई थी। हालांकि कंपनी आज भी अस्तित्व में है। बीते साल जब कंपनी ने पुराने रिकॉर्ड्स खंगाले तो पता लगा कि कपिल देव के पीएफ का भुगतान बकाया है।
इसके बाद कंपनी ने कपिल देव से संपर्क साधा। 2.75 लाख रुपये बकाया होने की खबर सुन कपिल भी हैरान थे। अब कंपनी के अनुरोध पर टीम इंडिया के इस पूर्व कप्तान ने सारी औपचारिकताएं पूरी की। फिर कंपनी की ओर से भी उन्हें भविष्य निधि के 2.75 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। पूरा मामला जनवरी 2018 का है।
कंपनी ने कपिल के बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करने के बाद दोबारा बातचीत की कोशिश की, लेकिन व्यस्त कार्यक्रम के चलते वह उपलब्ध नहीं हो सके। उनके कार्यालय की ओर से भुगतान हो जाने की पुष्टि की गई। कंपनी के अधिकारी शर्मा की माने तो कपिल यहां लाइजनिंग कमिश्नर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। कपिल की प्रतिभा को देखते हुए ही यह नौकरी दी गई थी।