भारतीय उपमहाद्वीप से अगले वर्ल्ड कप के लिए कम से कम पांच क्रिकेट टीमें अपनी चुनौती पेश करेंगी।
अफगानिस्तान ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए 2015 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की संयुक्त मेजबानी में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर लिया है।
अफगान टीम ने शारजाह में आईसीसी वर्ल्ड क्रिकेट लीग चैंपियनशिप में केन्या को सात विकेट से हराकर पहली बार वर्ल्ड कप के लिए टिकट कटाने में सफल रहा है।
अफगान टीम टूर्नामेंट में दूसरे स्थान पर रही। अफगानिस्तान ने लगातार दूसरे मैच में केन्या को हराया है और दोनों ही बार विपक्षी टीम को सौ के अंदर ही समेट दिया था।
शानदार प्रदर्शन
वर्ल्ड कप के लिए टिकट पाने वाली अफगानिस्तान दूसरी एसोसिएट टीम है। आयरलैंड ने भी वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई किया है।
अफगान टीम ने केन्या की टीम को 93 रन (43.5 ओवर) समेटने के बाद तीन विकेट खोकर महज 20.5 ओवर में जीत के लिए जरूरी रन जुटा लिए। इस जीत से उसके 19 अंक हो गए हैं और वह चैंपियन आयरलैंड से पांच अंक पीछे है।
लीग में दूसरे स्थान पर रही अफगानिस्तानी टीम को वर्ल्ड कप के लिए पूल ए में मेजबान ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, श्रीलंका और एक अन्य क्वालीफायर के साथ रखा गया है।
दो टी-20 वर्ल्ड कप खेल चुकी टीम
भारत और पाकिस्तान का यह पड़ोसी देश 2010 और 2012 में ट्वंटी-20 वर्ल्ड कप खेल चुका है।
टीम इंडिया ने अपनी मेजबानी में 2011 में वर्ल्ड कप जीता था। प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने वाले दो अन्य एसोसिएट सदस्यों का फैसला न्यूजीलैंड में अगले साल होने वाले क्वालीफाइंग टूर्नामेंट से होगा।
इस तरह से यह तय हो गया है कि भारतीय उपमहाद्वीप की पांच टीमें वर्ल्ड कप में हिस्सा लेंगी।