अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) की भारत में अफगानिस्तान प्रीमियर लीग कराने की हसरत पूरी नहीं होने जा रही है।
बीसीसीआई को डर है कि एपीएल अगर भारत में कराई जाती है तो स्पॉट फिक्सिंग का साया गहराए जिससे निपटना बोर्ड के लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी। एसीबी ने भारत में एपीएल कराए जाने का प्रस्ताव गुरुवार की शाम बीसीसीआई को दे दिया है। हालांकि बोर्ड ने एसीबी को अब तक इस बारे में कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है, लेकिन यह जरूर साफ कर दिया है कि यह मुश्किल काम है।
एसीबी की ओर से बीते वर्ष अक्तूबर माह में शारजाह में एपीएल कराई गई थी, लेकिन लीग की शुरूआत से पहले ही आईसीसी एंटी करप्शन यूनिट के समक्ष अफगान विकेट कीपर मुहम्मद शहजाद को बुकीज की ओर से संपर्क किए जाने का मामला सामने आए।
एशिया कप के दौरान शहजाद के समक्ष प्रस्ताव रखा गया था कि उन्हें एपीएल में खराब प्रदर्शन करना है। फिर शारजाह के जिस स्टेडियम में यह लीग होनी थी उसे भी आईसीसी ने प्रतिबंधित कर रखा है।
सूत्र बताते हैं कि इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड को लगता है कि अगर यह लीग भारत में होती है तो कहीं न कहीं एंटी करप्शन को लेकर उसे खुद मगजमारी करनी होगी। अगर बोर्ड ने ऐसा नहीं किया तो यह लीग स्पॉट फिक्सिंग के साये में घिर सकती है। ऐसे में बदनामी बीसीसीआई की ही होगी। बोर्ड के सूत्र खुलासा करते हैं कि अभी एसीबी को साफ जवाब नहीं दिया गया है, लेकिन यह तय है कि इस लीग को भारत में कराना बेहद मुश्किल है।
देहरादून को घरेलू मैदान हटाने को कहा
एसीबी के सीईओ असादुल्लाह खान ने बोर्ड को देहरादून के स्थान पर लखनऊ को घरेलू मैदान बनाने का प्रस्ताव दिया है। बोर्ड इस पर राजी है, लेकिन उसने अभी यह फैसला नहीं लिया है कि अफगानिस्तान क्रिकेट का टीम का अगला घरेलू मैदान लखनऊ ही होगा। बोर्ड सूत्रों का कहना है कि इस बारे में कई पहलुओं पर विचार कर कुछ दिनों में फैसला लिया जाएगा। खान का कहना है कि उन्होंने अपने प्रस्ताव दे दिए हैं। उन्हें फैसलों के बारे में कुछ दिनों में बताया जाएगा।