पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) के 11वें संस्करण से पहले आयोजित पहली खिलाड़ियों की नीलामी से अफगानिस्तान के कई खिलाड़ियों ने अपना नाम वापस ले लिया। यह नीलामी बुधवार को लाहौर में हुई। एक फ्रेंचाइजी मालिक ने पुष्टि की थी कि मुजीब उर रहमान, सिद्दीकुल्लाह अटल, मोहम्मद नबी, वकार सलामखेल और फजल हक फारूकी जैसे खिलाड़ी नीलामी के लिए पंजीकृत थे। हालांकि, बाद में इन खिलाड़ियों ने अपना नाम वापस ले लिया।
क्यों लिया अफगानियों ने नाम वापस?
बताया जा रहा है कि पेशावर जाल्मी द्वारा अफगानिस्तान के ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज को सीधे साइन किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रिया देखने को मिली। इसी विवाद और आलोचना के चलते अन्य अफगान खिलाड़ियों ने भी नीलामी से दूरी बनाना बेहतर समझा। पीएसएल के सीईओ सलमान नसीर ने कहा कि कुछ अफगान खिलाड़ी नीलामी सूची में शामिल थे, लेकिन किसी फ्रेंचाइजी ने उन्हें नहीं चुना। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों का असर नीलामी पर पड़ा।
दोनों देशों के बीच पहले से तनाव
नसीर के मुताबिक, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच रिश्तों में आई खटास का असर खेल जगत पर भी पड़ा है। पिछले साल के अंत में पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के कुछ इलाकों में हवाई हमले किए जाने के बाद दोनों देशों के संबंध और बिगड़ गए थे। इस घटनाक्रम के बाद कई अफगान खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान सरकार की आलोचना की थी, जिस पर पाकिस्तान की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। इन परिस्थितियों के चलते अफगान खिलाड़ियों ने पीएसएल नीलामी से खुद को अलग रखने का फैसला किया।