फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PAK की नापाक हरकत से अफगानिस्तान में आक्रोश: काबुल हमले में घायलों से मिले ACB अधिकारी, मदद का दिया आश्वासन

Wed, 18 Mar 2026 08:51 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

काबुल में एयरस्ट्राइक के बाद भारी तबाही के बीच अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकारी अस्पताल पहुंचकर घायलों से मिले और उनका हाल जाना। इस हमले को लेकर क्रिकेटर अल्लाह गजनफर समेत कई खिलाड़ियों ने गहरा दुख और गुस्सा जताया है।
विज्ञापन
घायलों से मिलने पहुंचे एसीबी अधिकारी - फोटो : ACB-X
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हाल ही में पाकिस्तान के द्वारा की गई एयरस्ट्राइक के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। इस हमले में भारी जान-माल का नुकसान हुआ है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। इस बीच अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) के अधिकारी घायलों का हाल जानने के लिए अस्पताल पहुंचे और पीड़ितों से मुलाकात की। एसीबी ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की, जिसमें अधिकारियों को घायलों का हौसला बढ़ाते और उनकी स्थिति का जायजा लेते देखा गया।
विज्ञापन

घायलों से मिलने पहुंचे एसीबी अधिकारी - फोटो : ACB-X
400 से ज्यादा लोगों की मौत, 250+ लोग घायल
यह हमला काबुल के एक बड़े अस्पताल पर हुआ, जहां सैकड़ों मरीजों का इलाज चल रहा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस एयरस्ट्राइक में 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि 250 से अधिक लोग घायल हुए हैं। हमले के बाद अस्पताल का बड़ा हिस्सा बुरी तरह तबाह हो गया, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी दिक्कतें आईं।



अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों का अस्पताल पहुंचना इस बात का संकेत है कि खेल जगत भी इस त्रासदी से गहराई से प्रभावित है। एसीबी ने अपने पोस्ट में पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस मुश्किल समय में अपने देशवासियों के साथ खड़े हैं। अफगान सरकार के डिप्टी प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत के अनुसार, यह हमला एक ड्रग रिहैबिलिटेशन अस्पताल पर किया गया था, जिसमें लगभग 2000 बेड की सुविधा मौजूद थी। इस हमले में अस्पताल को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, पाकिस्तान ने इन आरोपों से इनकार किया है।

गजनफर - फोटो : Instagram
गजनफर ने जताया दुख
पाकिस्तान की नापाक हरकत पर खेल जगत में भी आक्रोश है। अफगानिस्तान के युवा स्पिनर अल्लाह गजनफर ने इस घटना पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा, वहां के लोगों के पास इलाज के लिए पैसे नहीं होते और अब उन्होंने उसी जगह को निशाना बना दिया। उन्होंने उन लोगों को शहीद कर दिया, यह अफगानिस्तान के लोगों को स्वीकार नहीं है।' गजनफर ने हमले के पीछे की मंशा पर भी सवाल उठाए और कहा, 'मुझे समझ नहीं आता कि पाकिस्तान वाले क्या साबित करना चाहते हैं। वे आकर आम लोगों को निशाना बनाते हैं, और हम इसे बिल्कुल स्वीकार नहीं कर सकते।'

इतिहास की चेतावनी
गजनफर ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि अफगानिस्तान का इतिहास सभी जानते हैं और अगर हालात दोहराए गए तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने कहा, 'हर कोई अफगानिस्तान का इतिहास जानता है। अगर वह इतिहास दोहराया गया, तो पाकिस्तान के लिए यह बहुत बुरा होगा।'

ये भी पढ़ें: 'पाकिस्तान के लिए बहुत बुरा होगा': काबुल एयरस्ट्राइक पर फूटा क्रिकेटर अल्लाह गजनफर का गुस्सा, PAK को दी धमकी!

राशिद और नबी ने काबुल एयरस्ट्राइक पर ट्वीट कर हमले की निंदा की है - फोटो : Twitter/ANI
राशिद खान ने जताई संवेदना
इससे पहले अफगानिस्तान के स्टार स्पिनर राशिद खान ने भी सोशल मीडिया पर हमले में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना जताई थी। उन्होंने लिखा, 'काबुल में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के कारण आम नागरिकों की मौत की खबरों से मैं बेहद दुखी हूं। नागरिक घरों, शैक्षणिक संस्थानों या चिकित्सा ढांचे को निशाना बनाना, चाहे जानबूझकर हो या गलती से, युद्ध अपराध है।'

राशिद ने आगे कहा, 'मानव जीवन के प्रति इस तरह की बेरुखी, खासकर रमजान के पवित्र महीने में, बेहद चिंताजनक और घृणित है। इससे केवल नफरत और विभाजन बढ़ेगा। मैं संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों से इस घटना की पूरी जांच की मांग करता हूं और दोषियों को जवाबदेह ठहराने की अपील करता हूं। मैं इस कठिन समय में अपने अफगान लोगों के साथ खड़ा हूं। हम फिर से संभलेंगे और एक राष्ट्र के रूप में उठ खड़े होंगे। इंशाअल्लाह।'

मोहम्मद नबी ने भी उठाई आवाज
अफगानिस्तान के पूर्व कप्तान मोहम्मद नबी ने भी इस हमले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह हमला उन लोगों पर हुआ जो इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थे। नबी ने लिखा, 'रात में काबुल में एक अस्पताल में उम्मीद बुझ गई। इलाज के लिए आए युवाओं को पाकिस्तानी सैन्य शासन की बमबारी में मार दिया गया। अस्पताल के बाहर माताएं अपने बेटों का नाम पुकारती रहीं। रमजान की 28वीं रात उनकी जिंदगी छिन गई।' उनकी इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर बड़ी बहस छेड़ दी और कई लोगों ने इस घटना पर दुख और गुस्सा जाहिर किया।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें