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डीविलियर्स ने उठाया क्रिकेट के सबसे बड़ा राज से पर्दा

Fri, 02 Sep 2016 10:22 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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एबी डीविलियर्स - फोटो : getty
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दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज क्रिकेटर एबी डीविलियर्स ने 2015 के वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में टीम सेलेक्शन से खड़े हुए विवाद से पर्दा उठा दिया। 2015 के विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हारकर बाहर हो गया था।
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क्रिकेट के मिस्टर 360 ने अपनी आत्मकथा ‘ट्रांसफॉर्मेशन टार्गेट्स’ में इसके बारे में बात की है। क्रिकेट साउथ अफ्रीका एक जटिल बोर्ड है जो दुनिया की सबसे बड़ी टीमों की कर्ता-धर्ता है, मगर इसके पीछे भी काफी कुछ चलता है।

एबी ने अपनी किताब ‘AB: The Autobiography’ में कहा है कि मैच से पहली शाम 5.30 बजे उन्हें चयनकर्ताओं ने बताया कि काइल एबॉल की जगह वर्नोन फिलेंडर को अंतिम एकादश में शामिल किया जाए। इसके पीछे कारण यह है कि क्रिकेट साउथ अफ्रीका चाहती थीं कि उस मैच में 4 अश्वेत खिलाड़ी उनकी टीम में शामिल हों।
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एबी डीविलियर्स - फोटो : getty
वर्ल्ड कप के दौरान काइल एबॉट शानदार फॉर्म में थे और वो साउथ अफ्रीका के लिए शानदार प्रदर्शन कर रहे थे। फिलेंडर चोट से उबर रहे थे और उनका फॉर्म भी संदेह में था।

एबी ने कहा कि हर कप्तान चाहता है कि विजेता प्लेइंग XI से छेड़छाड़ न की जाए। एक कप्तान के तौर पर उनकी भी यही इच्छा थी। मगर शाम को चयनकर्ताओं ने उन्हें बताया कि फिलेंडर ने अपना फिटनेस टेस्ट पास कर लिया है और एबॉट की जगह वो ही खेलेंगे।

साउथ अफ्रीका की अश्वेत खिलाड़ियों को ‘आरक्षण’ देने की इस पॉलिसी की खूब आलोचना होती रही हैं। इसे उल्टे नस्लीय भेदभाव की तरह देखा जा रहा है। साउथ अफ्रीकी सरकार के नियमों के मुताबिक किसी भी टीम में 60% खिलाड़ियों का ‘अश्वेत’ होना जरूरी है। हालांकि क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने 4 खिलाड़ियों की अनिवार्यता को माना है।
 
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