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एबी डीविलियर्स का बचपन का वह सपना जो अधूरा रह गया, जिंदगी भर आएगा याद

Sat, 26 May 2018 06:13 PM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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23 मई 2018 दिन बुधवार को क्रिकेट का सुपरमैन हमेशा-हमेशा के लिए अंतराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह चला गया। ग्रीन जर्सी पर गोल्डन स्ट्रीप वाली पोशाक अब कभी अब्राहम बेंजामिन डीविलियर्स के शरीर पर नजर नहीं आएगी। इस मौके पर अमर उजाला ने दक्षिण अफ्रीका के इस सुप्रसिद्ध क्रिकेटर के विभिन्न साक्षात्कारों पर आधारित एक खास रिपोर्ट बनाने की कोशिश की है। देखिए अगली स्लाइड
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- फोटो : SELF
चौंतीस वर्ष की उम्र, 114 टेस्ट मैच, 228 वनडे और 78 ट्वंटी-20 मैच खेलने के बाद मुझे लगता है कि यही सही समय है, जब मुझे युवा खिलाड़ियों के लिए जगह छोड़ देनी चाहिए। मैंने अपनी पारी खेल ली है और सच कहूं, तो मैं अब थक गया हूं...
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मेरा जन्म दक्षिण अफ्रीका के लिंपोपो प्रांत के बेहद खूबसूरत छोटे से शहर बेला-बेला में हुआ था। यहां की जिंदगी बड़ी खुशनुमा है और तकरीबन हर शख्स एक दूसरे को जानता है। मेरे पिता डॉक्टर हैं, मगर चाहते थे कि पढ़ाई के साथ उनके बच्चे खेलों में भी दिलचस्पी लें। मैं तीन भाइयों में सबसे छोटा हूं और बचपन से ही गोल्फ, रग्बी, तैराकी, टेनिस, फुटबॉल और क्रिकेट खेलता था। हालांकि क्रिकेट में मेरी दिलचस्पी बढ़ती गई।

उस दोहरे शतक ने मेरी जगह बनाई

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दिसंबर, 2004 में जब इंग्लैंड की टीम ने दक्षिण अफ्रीका का दौरा किया था, तब मुझे पहली बार टेस्ट क्रिकेट टीम में जगह मिली। इसके अगले साल ऑस्ट्रेलिया का दौरा मेरे लिए दुःस्वप्न जैसा था, मैंने छह पारियों में सिर्फ 152 रन बनाए। 2007 में मुझे विश्व कप में पहली बार खेलने का मौका मिला, पर मैं कुछ खास नहीं कर पाया। लेकिन 2008 में मैंने पहले दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज के रूप में अहमदाबाद में हुए दूसरे टेस्ट मैच में भारत के खिलाफ दोहरा शतक जड़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। किसी क्रिकेटर के लिए इससे बड़ी बात क्या हो सकती है कि उसे क्रिकेट के तीनों रूप टेस्ट, वन डे और ट्वंटी-20 में अपने देश की टीम की कप्तानी करने का अवसर मिले।
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वह सेमीफाइनल नहीं भूलूंगा

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बचपन से मेरा एक सपना था। मैंने इसका जिक्र अपनी आत्मकथा एबी द ऑटोबॉयोग्राफी में भी किया है। इसमें द ड्रीम नामक अध्याय में मैंने लिखा, हमारी टीम विश्व कप का फाइनल खेल रही है। मैं खुद कवर पर फील्डिंग कर रहा हूं। स्ट्राइक बाएं हाथ के बल्लेबाज के पास है और उसने गेंद को मेरी ओर ड्राइव किया, मैं गेंद को लपकने के लिए हवा में उछलता हूं और स्टंप की तरफ दौड़कर गिल्लियां उड़ा देता हूं और इसके साथ ही दक्षिण अफ्रीका विश्व कप विजेता बन जाता है। दरअसल यह दृश्य 1992 के विश्व कप का है, जब ठीक इसी तरह से जोंटी रोड्स फिल्डिंग कर रहे थे और उन्होंने इंजमाम उल हक को रन आउट कर दिया था। मुझे अपने करियर में सबसे बड़ा अफसोस तब हुआ, जब 2015 के विश्व कप के सेमी फाइनल में न्यूजीलैंड ने हमारी टीम को हरा दिया था।
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ताजमहल में किया प्यार का इजहार

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भारत से मेरा रिश्ता सिर्फ क्रिकेट खेलने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा फैसला भी मैंने यहीं किया। बात 2012 की है। फ्रेंड डेनियल और मैं पांच साल से डेटिंग कर रहे थे। मैंने डेनियल से शादी की पेशकश करने का फैसला किया। मैं इस पल को यादगार बनाना चाहता था। मैं डेनियल को लेकर ताजमहल देखने गया और फिर वहीं मैंने उससे अपने प्यार का इजहार किया। हमने मार्च, 2013 में बेला-बेला में शादी की और अब हमारे दो बेटे भी हैं।
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जिंदगी में संगीत की अहमियत

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मेरे लिए जो चीजें खास अहमियत रखती हैं, उनमें बाइबिल के साथ ही संगीत भी है। मैं गिटार बजाता हूं और पॉप गाने भी गाता हूं। 2010 में मेरा एक एलबम माक जो ड्रोम वार जारी हो चुका है, जिसे काफी सराहा गया था।
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