भारत के लिए 10 टेस्ट मैच खेलने वाले आकाश चोपड़ा बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद बॉलीवुड समेत तमाम क्षेत्रों में भाई भतीजावाद यानी नेपोटिज्म पर अपने विचार रख रहे थे
पूर्व खिलाड़ी आकाश चोपड़ा ने भारतीय क्रिकेट में परिवारवाद और भाई-भतीजवाद को सिरे से नकार दिया। अपने यूट्यूब चैनल पर उन्होंने कहा, 'अगर यहां ऐसा होता तो रोहन गावसकर और अर्जुन तेंदुलकर टीम इंडिया में खेल रहे होते।
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उन्होंने आगे कहा- सुनील गावसकर ने अपने बेटे को मुंबई से खेलने नहीं दिया था। यही बात सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन के बारे में भी कही जा सकती है। अर्जुन अगर भारत या मुंबई रणजी टीम में खेलेंगे तो अपने प्रदर्शन के बूते ही खेलेंगे।'
यहां यह बताना जरूरी हो जाता है कि सुनील गावस्कर के बेटे रोहन ने भारत के लिए 2004 में डेब्यू किया था।, हालांकि वह सिर्फ 11 वन-डे ही खेल पाए। दूसरी ओर, 6 फीट से अधिक लंबे अर्जुन तेंदुलकर अपने पिता के विपरित एक पेसर हैं और मुंबई रणजी टीम में जगह बनाने के लिए प्रयासरत हैं।
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चोपड़ा ने कहा कि अगर किसी दिग्गज खिलाड़ी से रिश्ता भर होने से ही इंटरनेशनल लेवल पर खेलने का मौका मिल जाता, तो तेंदुलकर के बेटे अर्जुन कम से कम किसी आईपीएल टीम का हिस्सा तो ही। भारत के लिए 10 टेस्ट मैच खेलने वाले आकाश चोपड़ा बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या के बाद बॉलीवुड समेत तमाम क्षेत्रों में भाई भतीजावाद यानी नेपोटिज्म पर अपने विचार रख रहे थे और अपने साथ हुई घटनाओं का जिक्र भी कर रहे थे।