प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलाया दीया
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ऐसी आशंका जताई गई थी कि प्रधानमंत्री की अपील पर रात नौ बजे से नौ मिनट तक घरों में बल्ब, ट्यूबलाइट बंद होने से बिजल ग्रिड पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। मगर ऐसा हआ नहीं। बिजली मंत्री आरके सिंह ने कहा, बिजली आपूर्ति में कमी (रैंप डाउन) और फिर बढ़ोतरी (रैंप अप) का काम सुचारू रूप से चला। अधिकारियों ने अच्छे तरीके से इसका प्रबंध किया। मैं और मेरे साथ वरिष्ठ अधिकारी, बिजली सचिव और पोस्को सीएमडी और नेशनल मॉनिटरिंग सेंटर से व्यक्तिगत रूप से स्थिति पर नजर रखे हुए थे। मैं एनएलडीसी (नेशनल लोड डिस्पैच सेंटर), आरएलडीसी (रीजनल लोड डिस्पैच सेंटर) और एसएलडीसी (स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर) के सभी इंजीनियरों को स्थिति से बखूबी निपटने को लेकर बधाई देता हूं। सिंह के अनुसार करीब चार-पांच मिनट के दौरान बिजली खपत 1,17,000 मेगावाट से कम होकर 85,300 मेगावाट रही। यह संभावित 12,0000 मेगावाट की कमी से कहीं अधिक थी। उन्होंने बिजली उत्पादन कंपनियों एनटीपीसी और एनएचपीसी की सराहना की।