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कप्तान धोनी का अति आत्मविश्वास ले डूबा टीम इंडिया को!

Mon, 08 Sep 2014 01:52 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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टीम इंडिया ने रोमांचक मुकाबले के बाद इंग्लैंड के हाथों ट्वंटी-20 मुकाबला महज 3 रन के अंतर से गंवा दिया। यह मैच भारत के इंग्लैंड दौरे का अंतिम मैच था, इस लिहाज से टीम इंडिया ने हार के साथ दौरे का समापन किया।
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भारत ने इस बार दौरे में कुल 11 मैच खेले, जिसमें उसे 4 में जीत मिली और 5 में हार का सामना किया, जबकि एक मैच (टेस्ट) ड्रॉ रहा और एक मैच (वनडे) बारिश के कारण रद कर दिया गया था। इंग्लैंड ने टेस्ट सीरीज जबकि भारत ने वनडे सीरीज जीती थी।

दौरे की विजेता टीम बनने के लिए दोनों ही टीमों के पास टी-20 मैच में जीत हासिल करने की चुनौती थी, लेकिन मेहमान टीम अंतिम मौके पर आकर यह मैच हार गई। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का अंतिम ओवर में रन लेने का मौका छोड़ने के अलावा और भी कई कारण रहे जो भारत की हार का सबब बने। जानते हैं, टी-20 मैच में भारत के हार के 5 कारण कौन से हैं।
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कप्तान धोनी का पहला गलत फैसला

भारत की हार के 5 कारणों में पहला कारण इंग्लैंड की तेज शुरुआत होना रहा। टॉस जीतकर पहले बल्‍लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड ने शुरुआती 3 ओवर में 27 रन जोड़ लिए। शुरुआत इस कदर तेज रही कि पहले ही ओवर में इंग्लैंड ने 17 रन अपने खाते में जोड़ लिए।

पहला ओवर में डालने से पहले कप्तान धोनी का शुरुआती फैसला गलत साबित हुआ। उन्होंने फिरकी गेंदबाज आर अश्विन को पहला ओवर डालने को दिया और विपक्षी बल्‍लेबाजों जेसन रे एलेक्स हेल्स ने इसका फायदा उठाते हुए 17 ठोक लिए।

जेसन ने दूसरी गेंद पर चौका लगाकर इंग्लैंड का खाता खोला, इसके बाद अंतिम 2 गेंदों पर हेल्स ने चौका और छक्‍का जमा दिया।

रूट का कैच टपकाकर दबाव बनाने का मौका गंवाया

भारतीय खिलाड़ियों के पास 3 गेंदों के अंदर इंग्लैंड पर मिली दोहरी सफलता का दबाव बनाने का बेहतरीन मौका था क्योंकि जल्दी-जल्दी 2 विकेट गंवाने के बाद मेजबान टीम की रफ्तार धीमी पड़ गई थी।

इस बीच, पांचवें ओवर में मोहम्मद शमी की पांचवीं गेंद पर जोई रूट ने शॉर्ट फाइन लेग की दिशा में कैच उछाल दिया। लेकिन वहां पर खड़े अश्विन यह मौका भुना नहीं पाए और आसान सा कैच टपका दिया।

भारत की ओर से इस मौके को गंवाने का फायदा इंग्लैंड को मिला। रूट ने एलेक्स हेल्स (40) के साथ तीसरे विकेट के लिए 48 रनों की साझेदारी कर डाली। इस साझेदारी के बचे रहने से इंग्लैंड एक बार फिर अपनी रन गति तेज करने में कामयाब हो गया। हेल्स के आउट होने के बाद रूट भी 26 रन बनाकर करन शर्मा की गेंद पर आउट हो गए। लेकिन दोनों ने विकेटों के पतन को जो रोका उसका फायदा इंग्लैंड को यह मिला कि टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में कामयाब हो गई।

अंतिम 5 ओवर में खूब रन लुटाए भारत ने

भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन मैच में उतार-चढ़ाव वाला रहा। दूसरी ओर, इंग्लैंड ने 15 ओवर में 4 विकेट पर 99 रन बनाए थे, और भारतीय गेंदबाजों का लक्ष्य अंतिम ओवरों में बल्‍लेबाजों को ज्यादा से ज्यादा रन बनाने पर अंकुश लगाना था, लेकिन इस मकसद में वे कामयाब नहीं हुए।

क्रीज पर जमे इंग्लैंड के कप्‍तान इयोन मोर्गन और जोस बटलर ने बल्‍लेबाजी का गियर बदलते हुए तेजी से रन बनाने शुरू किए। 16वें ओवर में दोनों ने 14 रन बटोरे, जबकि 17वें ओवर में 17 रन टीम के खाते में आए। हालांकि 18वें ओवर की पहली गेंद पर शमी ने बटलर को आउट कर भारत को सफलता दिलाई।

लेकिन दूसरे छोर पर टिके मोर्गन भारत के लिए ज्यादा खतरनाक साबित हुए जिन्होंने महज 31 गेंदों में 71 रनों की आतिशी पारी खेल डाली। इस दौरान उन्होंने 3 चौके और 7 छक्के भी लगाए। 19वें ओवर में मोर्गन और रवि बोपारा ने 21 रन कूट लिए। इस ओवर में 2 छक्के और 2 चौके लगे। बोपारा ने महज 9 गेंदों में 21 रन बनाए।

अंतिम ओवर में 2 विकेट गंवाने के बावजूद इंग्लैंड ने 15 रन जोड़ी ही लिए। इस तरह से अंतिम 5 ओवर में इंग्लैंड के स्कोरबोर्ड में 81 रन जुटे, जो लक्ष्य के लिए पीछा करने उतरी भारत के लिए मुश्किल का कारण बने।

रहाणे का सस्‍ते में आउट होना

लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को जब एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी तो अजिंक्य रहाणे (8) पारी की आठवीं गेंद पर बोल्ड हो गए। बड़ा लक्ष्य और शुरुआती झटके के बाद शिखर धवन और विराट कोहली ने संयम से बल्‍लेबाजी शुरू की और पहले 3 ओवर में सिर्फ 18 रन ही जोड़ पाए।

अपेक्षाकृत धीमी शुरुआत का खामियाजा भारत को अंत में भुगतना पड़ा। हालांकि विराट कोहली तेजी से 66 रन बनाते हुए टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन 15वें ओवर में आउट हो जाने से दबाव नए बल्‍लेबाजों पर आ गया। कोहली से पहले धवन भी 33 रन बनाकर आउट हो गए थे।
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हार के मुख्य कारण बने कप्तान धोनी

विराट कोहली की अर्धशतकीय पारी, शिखर धवन (33) और सुरेश रैना (25) की बल्‍लेबाजी के दम पर भारत 181 रनों के मुश्किल लक्ष्य के करीब पहुंच गया था और उसे अंतिम ओवर में जीत के लिए 17 रनों की जरूरत थी। क्रीज पर उस समय कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी और अंबाती रायडु जैसे बल्‍लेबाज जमे हुए थे।

इस बीच, इंग्लैंड के कप्तान इयोन मोर्गन ने क्रिस वोग्स को अंतिम ओवर डालने के लिए गेंद सौंपी, पहली ही गेंद पर धोनी ने मिडविकेट की दिशा में शानदार छक्‍का लगाकर टीम की उम्मीदों को पंख लगा दिए। इसके बाद दूसरी गेंद पर तेजी से 2 रन लेकर स्ट्राइक अपने पास रखा।

लेकिन तीसरी गेंद पर धोनी के पास एक रन लेने का मौका था लेकिन अति आत्मविश्वास में डूबे भारतीय कप्तान ने ऐसा नहीं किया। इस तरह से भारत के पास अंतिम 3 गेंदों पर 9 रन बनाने का लक्ष्य रह गया।

चौथी गेंद पर धोनी ने चौका भी लगाया जिससे भारत को 2 गेंदों पर 5 रन बनाने थे, लेकिन एक बार फिर धोनी ने पांचवीं गेंद पर रन लेने का आसान मौका छोड़ दिया जबकि नॉनस्ट्राइकर एंड पर अंबाती रायडु जैसे तेजतर्रार बल्‍लेबाज थे। अंतिम गेंद पर जीत के लिए भारत को छक्‍के की दरकार थी लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके।

अगर उन्होंने अंतिम ओवर में 2 गेंदों पर रन लेने का मौका नहीं गंवाया होता तो मैच का परिणाम कुछ और होता।
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