ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जब भारतीय टीम बुधवार को रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में चौथा वनडे खेलने उतरेगी तो उसकी नजर जीत के साथ सीरीज में बराबरी पर आने की होगी।
सात मैचों की वनडे सीरीज में टीम इंडिया अभी 1-2 से पीछे चल रही है। भारत ने दूसरे वनडे में जयपुर में जीत हासिल की थी।
बेअसर रहे इशांत शर्मा
टीम इंडिया की सबसे बड़ी परेशानी उसकी गेंदबाजी है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकमात्र ट्वंटी-20 के अलावा पिछले तीन वनडे मैचों में भारतीय गेंदबाजों की जमकर धुनाई हुई है खासतौर पर इशांत शर्मा की।
इशांत के खराब प्रदर्शन की बदौलत ही मोहाली में खेले गए तीसरे वनडे में जीत टीम इंडिया की मुठ्ठी में आकर फिसल गई थी।
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने तो इस हार के बाद साफ कहा कि गेंदबाजों का प्रदर्शन बद से बदतर होता जा रहा है और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस तरह के प्रदर्शन की कोई जगह नहीं है। हालांकि इसके बावजूद उन्होंने अपने गेंदबाजों आर विनय कुमार, इशांत शर्मा, भुवनेश्वर कुमार और आर अश्विन पर भरोसा जताया है।
जयदेव को मिल सकता है मौका
धोनी यह मैच अपने गृहनगर रांची में खेल रहे हैं इसलिए उन पर भी दबाव होना लाजिमी है। इशांत शर्मा के खराब प्रदर्शन को देखते हुए टीम प्रबंधन युवा पेसर जयदेव उनदकट को अंतिम एकादश में जगह दे सकता है।
इसके अलावा जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की विकेट को स्पिन गेंदबाजों के मुफीद माना जाता है। ऐसे में लेग स्पिनर अमित मिश्रा को भी मौका मिलने की संभावना है।
टीम इंडिया ने रांची में पिछला मैच इस साल जनवरी में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था और जीत हासिल की थी। इस मैच में आलराउंडर आर अश्विन ने अपनी स्पिन में इंग्लैंड के बल्लेबाजों को उलझाकर 19 रन देकर तीन विकेट चटकाए थे।
शॉर्ट बॉल बनी मुसीबत
जहां तक बल्लेबाजी का सवाल है तो भारतीय बल्लेबाजों को ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों की शार्ट बॉल की काट खोजनी होगी। मोहाली में अपनी शार्ट बॉल की रणनीति पर अमल करते हुए ऑस्ट्रेलियाई पेसरों ने भारत के शीर्षक्रम बल्लेबाजों को सस्ते में पवेलियन भेजा था।
भारत को यदि सीरीज में बराबरी करनी है तो उसके बल्लेबाजों को बड़ा स्कोर बनाना होगा जबकि गेंदबाजों को अपनी धार पैनी करनी होगी।
दूसरी तरफ, ऑस्ट्रेलियाई खेमा इस समय सीरीज में बढ़त हासिल कर काफी खुश हैं। लेकिन भारत को हल्के में लेने की भूल उसे काफी भारी पड़ सकती है।