मुंबई स्थित तुकाराम ओंबले की प्रतिमा
- फोटो : ट्विटर
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने ट्वीट किया, 'दुखद दिन के 12 साल। तुकाराम ओंबले हमारी धरती में पैदा हुए सबसे बहादुर बेटों में से एक हैं। उस दिन उनके द्वारा प्रदर्शित साहस, चपलता और निस्वार्थता को बयां करने के लिए हर शब्द, पुरस्कार कम पड़ जाएंगे। आपकी बहादुरी का कोई सानी नहीं। गर्व है बहुत ऐसे महान इंसान पर'
26/11 में शहीद हुए देश के हीरो
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मुंबई पुलिस में एएसआई रहे तुकाराम ओंबले ने पूरी निडरता से निहत्थे ही आतंकी अजमल कसाब को पकड़ा था, इस दौरान कसाब ने उन पर अंधाधुंध फायरिग की और वह मौके पर ही शहीद हो गए थे। मरणोपरांत तुकाराम ओंबले को सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था। इस ओंबले ही नहीं बल्कि इस लड़ाई में तत्कालीन एटीएस चीफ हेमंत करकरे, एसीपी अशोक काम्टे, इंस्पेक्टर विजय सालस्कर ने भी अपनी जान देकर देश की रक्षा की थी। एनएसजी के कमांडो मेजर संदीप उन्नीकृष्णन मिशन ऑपरेशन ब्लैक टारनेडो का नेतृत्व करते हुए ताज होटल के पास शहीद हुए थे। मरणोपरांत उन्हें भी साल 2009 में अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।