पाकिस्तान से आए जैश-ए-मोहम्मद के 10 आतंकवादियों ने मुंबई को बम धमाकों और गोलीबारी से दहला दिया था। इस आतंकी हमले को आज 12 साल हो गए। कराची के रास्ते मुंबई आए आतंकियों ने अपनी गोलियों से 160 से ज्यादा निर्दोष लोगों की जान ली थी तो 300 ज्यादा लोग घायल हुए थे। कई पुलिसकर्मी शहीद हुए थे, उन्हीं में से एक तुकाराम ओंबले को सहवाग ने आज नमन किया है।
मुंबई पुलिस में एएसआई रहे तुकाराम ओंबले ने पूरी निडरता से निहत्थे ही आतंकी अजमल कसाब को पकड़ा था, इस दौरान कसाब ने उन पर अंधाधुंध फायरिग की और वह मौके पर ही शहीद हो गए थे। मरणोपरांत तुकाराम ओंबले को सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था। इस ओंबले ही नहीं बल्कि इस लड़ाई में तत्कालीन एटीएस चीफ हेमंत करकरे, एसीपी अशोक काम्टे, इंस्पेक्टर विजय सालस्कर ने भी अपनी जान देकर देश की रक्षा की थी। एनएसजी के कमांडो मेजर संदीप उन्नीकृष्णन मिशन ऑपरेशन ब्लैक टारनेडो का नेतृत्व करते हुए ताज होटल के पास शहीद हुए थे। मरणोपरांत उन्हें भी साल 2009 में अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।