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युवी के करियर की सबसे घटिया पारी, फाइनल में हार के बाद फैंस ने घर पर फेंके थे पत्थर

Tue, 11 Jun 2019 07:43 AM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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युवराज सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
30 जून 2017 को वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना आखिरी वन-डे मैच खेलने वाले 37 वर्षीय युवराज सिंह ने सोमवार को मुंबई में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। बीते दो सालों में युवी ने भारत के लिए किसी भी फॉर्मेट में क्रिकेट नहीं खेला था।
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संन्यास लेने के दौरान युवराज सिंह - फोटो : पीटीआई
2007 टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 क्रिकेट वर्ल्ड कप में जीत के हीरो रहे युवराज ने इस दौरान मीडिया के सामने कई खुलासे किए। अपने रिटायरमेंट मैच से लेकर उत्तराधिकारी तक और कैंसर से लेकर परिवार तक हर तरह की बात की। इस दौरान वह अपनी सबसे खराब पारी का जिक्र करना भी नहीं भूले।
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संन्यास की घोषणा करते युवराज सिंह - फोटो : पीटीआई
युवराज ने 2014 के टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ 21 गेंदों में 11 रन बनाने को अपना सबसे खराब प्रदर्शन बताया। फाइनल में भारत की हार से फैंस ने युवराज सिंह के चंडीगढ़ स्थित घर पर पत्थर तक फेंके थे।

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युवराज सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
इस मैच में युवी की खराब बल्लेबाजी के कारण भारतीय टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाई थी। युवराज ने 21 गेंदों में मात्र 11 रन बनाए। जिससे भारतीय टीम 20 ओवर में 130 रन ही बना सकी और टी-20 विश्वकप का खिताब अपने नाम नहीं कर पाई।
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Yuvraj Singh - फोटो : social Media
युवी ने कहा, '2014 में टी-20 फाइनल मेरे जीवन का सबसे खराब मैच था। तब मैंने सोच लिया था कि मेरा क्रिकेट करियर खत्म हो गया है तब मैं थोड़ा रुका और सोचा कि क्रिकेट खेलना शुरू क्यों किया था। फिर मैं वापस घरेलू क्रिकेट में गया और बहुत मेहनत की। फिर मैंने तीन साल बाद वनडे क्रिकेट में वापसी की क्योंकि मैंने कभी खुद में विश्वास करना नहीं छोड़ा'।
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yuvraj singh
2017 में युवराज सिंह ने क्रिकेट के मैदान में तीन साल के बाद वापसी की और अपने करियर की सबसे बड़ी पारी (150 रन) खेली। युवराज ने कहा, 'डेढ़ साल बाद मैंने टी-20 में वापसी की। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी ओवर में छक्का लगाया। 3 साल बाद मैंने वनडे में वापसी की। 2017 में कटक में मैंने 150 रन बनाए, जो मेरे करियर का सबसे बड़ा वनडे स्कोर है'।
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संन्यास के दौरान युवराज सिंह का परिवार - फोटो : पीटीआई
इस दौरान युवराज ने अपने माता-पिता और पत्नी के साथ-साथ क्रिकेट के मैदान से जुड़े कई लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, 'मैंने सौरव गांगुली की कप्तानी में खेलना शुरू किया। फिर मैंने राहुल द्रविड़, जवगल श्रीनाथ जैसे क्रिकेटर्स के साथ खेला। आशीष नेहरा, भज्जी जैसे दोस्त मिले। धोनी जैसे कप्तान और गैरी जैसे सबसे नायाब कोच के साथ मुझे खेलने का मौका मिला।'
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