भारतीय क्रिकेट के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में अपने बल्ले से ऐसा तहलका मचाया है कि अब दुनिया के दिग्गज भी उनकी प्रतिभा पर बात कर रहे हैं। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास, ताकत और बड़े शॉट लगाने की क्षमता देखकर कई लोगों के लिए यकीन करना मुश्किल है कि वह अभी किशोर उम्र में हैं। भारत के बाहर अब भी उनकी उम्र को लेकर सवाल उठते हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली का फोकस उनकी उम्र पर नहीं, बल्कि उनकी बल्लेबाजी पर है। ली ने बताया कि अगर उन्हें वैभव को गेंदबाजी करनी पड़ती तो वह इस युवा बल्लेबाज के हुक-पुल से बिल्कुल नहीं डरते और पहली ही गेंद से उसे चुनौती देने की कोशिश करते।
'क्या वैभव 15 साल के हैं?'
ब्रेट ली ने बताया कि भारत के बाहर उनसे अक्सर वैभव की उम्र को लेकर सवाल किए जाते हैं। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज का मानना है कि उनकी असली पहचान उनकी उम्र नहीं, बल्कि क्रिकेट खेलने की क्षमता होनी चाहिए। 'बीयर बायसेप्स' यूट्यूब चैनल पर ली ने कहा, 'वह अविश्वसनीय है। भारत के बाहर लगभग हर कोई यह सवाल पूछता है कि क्या वह 15 साल का है। 'क्या वह 15 साल का है?' शायद दुनिया भर में उनके बारे में सबसे बड़ी चर्चा है। मुझे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह कितने साल का है। अगर वह 15 साल का है तो शानदार, लेकिन अगर वह 17 या 18 साल का है तो इससे क्या फर्क पड़ता है? यह बच्चा क्रिकेट खेलना जानता है। भारत के लिए वह शानदार खोज है और वह आगे चलकर इससे भी बड़ी उपलब्धियां हासिल करने वाला है।'
IPL में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की भी कर चुके हैं धुनाई
वैभव ने कम समय में ही आईपीएल में अपनी बल्लेबाजी से तहलका मचा दिया है। ली ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उनकी 97 रन की पारी को खास तौर पर याद किया। इस पारी में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की तेज गेंदों का बेखौफ सामना किया था। ली ने कहा, 'उसने इतनी कम अवधि में आईपीएल में तहलका मचा दिया है। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ उसके 97 रन देखिए। उसके सामने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज थे, जो पूरी रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे थे और वह उन्हें अपने चेहरे के सामने से हुक कर रहा था। वह सही क्रिकेटिंग शॉट खेल रहा है और उसमें पता नहीं कहां से इतनी ताकत आती है।'
ली ने दी वैभव को खास सलाह
ब्रेट ली ने माना कि वैभव की बल्लेबाजी या फॉर्म से ज्यादा उनके सामने चुनौती मानसिक स्तर पर होगी। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ी को अभी बच्चा बने रहने देना चाहिए और उस पर जरूरत से ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए। ली ने कहा, 'उसकी फॉर्म या बल्लेबाजी समस्या नहीं होगी, समस्या सिर्फ उसका दिमाग हो सकता है। उसे अभी भी बच्चा बने रहना है। उसे बच्चा रहने दीजिए और उस पर बहुत ज्यादा दबाव मत डालिए।'
वैभव को गेंदबाजी करते तो क्या करते ली?
अपनी तेज गेंदबाजी के दिनों को याद करते हुए ली ने यह भी बताया कि अगर वह वैभव को गेंदबाजी करते तो उनके शानदार हुक और पुल शॉट से डरते नहीं। उन्होंने कहा, 'अगर कोई खिलाड़ी गेंद को अच्छी तरह हुक या पुल करता है तो मुझे यह पसंद आता था, क्योंकि तब मुकाबला बन जाता है। मैं पहले पूरी योजना बनाता और फिर उसके बैज के पास एक गेंद डालता और देखता कि वह क्या करता है। हो सकता है वह मुझे छक्का मार दे, लेकिन इससे मैं उसे अगली गेंद डालने से पीछे नहीं हटता।' वैभव की उम्र को लेकर चाहे दुनिया में सवाल हों, लेकिन ब्रेट ली के मुताबिक उनकी असली पहचान उनकी उम्र नहीं बल्कि मैदान पर दिखाई देने वाली प्रतिभा है।