भारत के युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव ने अपनी रफ्तार से दुनिया का ध्यान खींचा है। उनके नाम 156.7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकने का रिकॉर्ड है, लेकिन सिर्फ तेज गेंदबाजी करना उन्हें खतरनाक गेंदबाज नहीं बनाएगा। भारत के पूर्व गेंदबाजी कोच भरत अरुण का मानना है कि मयंक को अपनी रफ्तार के साथ गेंद की दिशा, सही लेंथ और रणनीति पर अमल करने की क्षमता में भी सुधार करना होगा। भारत को 22 अक्तूबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेलनी है, जिसमें मयंक पर नजरें रहेंगी।
मयंक यादव
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रफ्तार के साथ सटीकता भी जरूरी
भरत अरुण ने वेस्टइंडीज के खिलाफ मयंक की गेंदबाजी पर खुशी जताई, लेकिन उन्हें अपनी क्षमताओं का बेहतर इस्तेमाल करने की सलाह भी दी। अरुण ने कहा, 'मयंक को वेस्टइंडीज के खिलाफ अच्छी रफ्तार से गेंदबाजी करते देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। वह अपनी गति पर काफी निर्भर रहते हैं। तेज गेंदबाजी करना अच्छी बात है और बहुत कम गेंदबाज उनकी तरह इतनी तेज गेंद डाल सकते हैं। लेकिन इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण गेंद की दिशा और अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू करना है।'
उन्होंने आगे कहा, 'अगर कोई गेंदबाज अपनी योजना के मुताबिक गेंदबाजी कर पाता है, तो उसकी रफ्तार ज्यादा घातक बन जाती है। खेल में कभी-कभी असफल होना भी स्वाभाविक है, लेकिन अपनी रणनीति पर बार-बार सफल होना जरूरी है। मयंक को इसी दिशा में काम करना चाहिए।'
मयंक ने जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ छह मैचों में 22 ओवर गेंदबाजी करते हुए नौ विकेट लिए हैं। रांची में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 36 रन देकर तीन विकेट झटके थे। इस दौरान उन्होंने निकोलस पूरन और शिमरोन हेटमायर को शॉर्ट गेंदों पर आउट किया, जबकि रोवमैन पॉवेल का ऑफ स्टंप 149.5 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली गेंद से उखाड़ दिया था।
भरत अरुण
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न्यूजीलैंड में गेंदबाजों के सामने क्या होगी चुनौती?
न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में भारतीय तेज गेंदबाजों को हवा की दिशा, स्विंग और मैदान के आकार को ध्यान में रखकर गेंदबाजी करनी होगी। अरुण के मुताबिक, सीमित ओवरों के क्रिकेट में गेंदबाजों के लिए अलग-अलग तरह की गेंदें डालना बेहद जरूरी है, क्योंकि बल्लेबाज जल्दी ही उनकी ताकत और कमजोरियों को समझ लेते हैं।
उन्होंने कहा, 'न्यूजीलैंड में गेंद स्विंग होती है, लेकिन सफेद गेंद से सीमित ओवरों के क्रिकेट में यह स्विंग आमतौर पर चार-पांच ओवर तक ही रहती है। टी20 और वनडे में सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि गेंदबाज के पास कितने अलग-अलग विकल्प हैं। बल्लेबाज गेंदबाज की ताकत को जल्दी पहचान लेते हैं। ऐसे में गेंदबाजी में कौन से चौंकाने वाले विकल्प हैं, यही निर्णायक होगा।'
मोहम्मद सिराज
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भुवनेश्वर की वापसी से खुश, सिराज को दी सलाह
चार साल बाद टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम में लौटे अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को लेकर अरुण ने भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि भुवनेश्वर की मौजूदा फॉर्म, गेंद को दोनों ओर स्विंग कराने की क्षमता और अनुभव उन्हें टीम के लिए उपयोगी बनाते हैं। अरुण ने कहा, 'मैं भुवनेश्वर के चयन में उम्र को बाधा नहीं मानता। अगर कोई खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और चयनकर्ताओं तथा टीम प्रबंधन को भरोसा है कि वह योगदान दे सकता है, तो उसे मौका मिलना चाहिए। मेरे हिसाब से भुवनेश्वर अगले डेढ़ साल तक भी अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम हैं।'
वहीं, मोहम्मद सिराज की लय में आई गिरावट पर उन्होंने कहा कि लंबे अंतराल के बाद खेल में वापसी करने वाले खिलाड़ियों को अपनी पुरानी लय हासिल करने में समय लग सकता है। अरुण के अनुसार, सिराज को अपने कोच के साथ मिलकर गेंदबाजी की लय दोबारा हासिल करने पर काम करना चाहिए।
हार्दिक पांड्या
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हार्दिक की कमी खलेगी, न्यूजीलैंड की चुनौती कठिन
अरुण ने हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी पर निराशा जताते हुए कहा कि वह शानदार ऑलराउंडर हैं और उनकी कमी खलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू परिस्थितियों में न्यूजीलैंड की मजबूत तेज गेंदबाजी भारतीय टीम के लिए बड़ी चुनौती होगी। भारत के न्यूजीलैंड दौरे से पहले भारत ए का रेड बॉल दौरा भी खिलाड़ियों को वहां की परिस्थितियों से तालमेल बैठाने में मदद करेगा। अरुण ने रणजी ट्रॉफी के कार्यक्रम से टकराव के बावजूद इस दौरे को भारतीय क्रिकेट के लिए उपयोगी बताया। उनके मुताबिक, इससे भविष्य के टेस्ट खिलाड़ियों को विदेशी परिस्थितियों का अनुभव मिलेगा और घरेलू क्रिकेट में दूसरे खिलाड़ियों को भी खेलने के अधिक अवसर मिलेंगे।