अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) को बेन स्टोक्स के संन्यास वाले भाषण के वीडियो जारी होने के मामले की जांच पूरी होने के बाद राहत दे दी है। इस वीडियो को लेकर आरोप लगे थे कि इससे भ्रष्टाचार विरोधी प्रोटोकॉल का उल्लंघन हुआ हो सकता है।
आईसीसी ने ईसीबी को यह पत्र तब लिखा था, जब इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच ट्रेंट ब्रिज में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के दौरान ही बेन स्टोक्स द्वारा अपने साथियों को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के फैसले की फुटेज ब्रॉडकास्टिंग चैनल को दी गई और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दी गई थी।
क्यों खड़ा हुआ था विवाद?
जिस समय यह वीडियो जारी किया गया, उस वक्त मैच चल रहा था। इस वजह से यह मामला जांच के घेरे में आ गया क्योंकि ड्रेसिंग रूम 'प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया' का हिस्सा होता है। यह क्षेत्र भ्रष्टाचार से जुड़ी किसी भी गतिविधि को रोकने के लिए आईसीसी के कड़े न्यूनतम मानकों के अंतर्गत आता है। आईसीसी ने 4 जुलाई को ईसीबी को पत्र भेजा था।ईसीबी ने इन आरोपों का जवाब दिया, जिसके बाद अब बिना किसी अनुशासनात्मक कार्रवाई के इस मामले को बंद कर दिया गया है। आईसीसी और ईसीबी ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
PMOA के क्या हैं नियम?
आईसीसी ने पीएमओए के न्यूनतम मानकों के अनुच्छेद 2.2.11 का हवाला दिया, जिसके तहत बोर्डों को यह सुनिश्चित करना होता है कि ड्रेसिंग रूम के भीतर वीडियो और ऑडियो रिकॉर्डिंग के लिए कैमरे न लगाए जाएं। आईसीसी ने ईसीबी को बताया था कि पीएमओए के भीतर रिकॉर्ड की गई किसी भी फुटेज में ऑडियो नहीं होना चाहिए और मैच खत्म होने से पहले उसे किसी चैनल को नहीं दिया जा सकता। किसी अपवाद की स्थिति में एंटी करप्शन मैनेजर की अनुमति आवश्यक होती है। दिशानिर्देशों के अनुसार, स्वीकृत वीडियो की अवधि दो मिनट से अधिक नहीं हो सकती।