भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर पिछले कुछ समय से सवाल उठ रहे हैं। चोटिल खिलाड़ियों को टीम में शामिल करने और फिर मैच से ठीक पहले उनके बाहर होने के मामलों ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की मुश्किलें बढ़ाई हैं। अब इसी आलोचना के बीच बोर्ड ने खिलाड़ियों के चयन को लेकर अपनी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है।
अब फिटनेस पर 200 फीसदी भरोसा जरूरी
रिपोर्ट के मुताबिक, बीसीसीआई अब किसी खिलाड़ी को टीम में शामिल करने से पहले उसकी फिटनेस को लेकर 100 नहीं, बल्कि 200 फीसदी आश्वस्त होना चाहता है। यानी बोर्ड तब तक खिलाड़ी का नाम टीम में नहीं डालना चाहता, जब तक उसकी उपलब्धता को लेकर पर्याप्त भरोसा न हो। क्रिकबज की रिपोर्ट में बीसीसीआई की नीति से जुड़े एक सूत्र के हवाले से कहा गया, 'सिर्फ 100 फीसदी नहीं, बल्कि खिलाड़ी की उपलब्धता को लेकर 200 फीसदी आश्वस्त होने के बाद ही उसे टीम में शामिल करना चाहते हैं।'
यह बदलाव पिछले कुछ महीनों में चोटिल खिलाड़ियों के मामलों को लेकर हुई आलोचना के बाद आया है। हर्षित राणा, जसप्रीत बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर और नीतीश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय टीम में चुने गए, लेकिन बाद में फिटनेस संबंधी समस्याओं के कारण बाहर हो गए।
वीवीएस लक्ष्मण ने बताई बोर्ड की सोच
बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने हाल ही में चयन और फिटनेस को लेकर बोर्ड का पक्ष स्पष्ट किया था। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को उनकी फिटनेस की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी दी जाती है और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता रखी जा रही है। लक्ष्मण ने कहा, 'यह हमेशा खिलाड़ी और टीम को ध्यान में रखकर किया जाता है। फिटनेस रिपोर्ट और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता है।' उन्होंने यह भी बताया कि यदि किसी खिलाड़ी का चयन फिटनेस के अधीन होता है और वह फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाता, तो चयनकर्ताओं के पास उसके स्थान पर दूसरे खिलाड़ी को चुनने का विकल्प रहता है।
सैकिया ने समझाया 'फिटनेस कंडीशन' का मतलब
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने भी खिलाड़ियों के नाम के आगे लगाए गए तारांकित निशान यानी फिटनेस कंडीशन को लेकर सफाई दी थी। उनके मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय सीरीज के लिए टीम का चयन आमतौर पर 21 से 28 दिन पहले किया जाता है। ऐसे में चयन के दिन कोई खिलाड़ी फिट नहीं होने के बावजूद सीरीज शुरू होने तक पूरी तरह फिट हो सकता है। सैकिया ने कहा, 'चयन की तारीख पर खिलाड़ी फिट नहीं है, इसलिए उसे पूरी तरह खारिज नहीं किया जाता। जब तक टीम को यात्रा करनी या मैच खेलना होता है, तब तक वह पूरी तरह फिट हो सकता है।'
बुमराह और नीतीश की वापसी पर नजर
अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए बुमराह, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर और हर्षित राणा के नाम के साथ फिटनेस संबंधी शर्त रखी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक बुमराह और नीतीश सीरीज के पहले मुकाबले तक फिट होने की राह पर हैं। वहीं राणा और सुंदर की स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में बीसीसीआई अब चोटिल खिलाड़ियों को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। बोर्ड की नई नीति का मकसद साफ है, पहले फिटनेस की पक्की पुष्टि, फिर टीम में जगह।