जापान में होने वाले एशियाई खेलों में भारतीय क्रिकेट टीम की सुविधाओं को लेकर भले ही सवाल उठ रहे हों, लेकिन बीसीसीआई ने साफ कर दिया है कि खिलाड़ियों की सहूलियत से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बोर्ड ने जरूरत पड़ने पर खुद व्यवस्था संभालने की तैयारी भी कर ली है। इसी दौरान सचिव देवजीत सैकिया ने 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी बोर्ड की दीर्घकालिक योजना का खुलासा किया।
जापान में सुविधाओं को लेकर BCCI क्यों बेफिक्र?
एशियाई खेलों के दौरान भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीमों के ठहरने और सुविधाओं को लेकर कुछ शीर्ष एशियाई टीमों की ओर से सवाल उठाए गए थे। अइची-नागोया में होने वाले इन खेलों में क्रिकेट की टी20 स्पर्धा 19 सितंबर से तीन अक्तूबर तक आयोजित होगी। हालांकि, बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि बोर्ड को फिलहाल किसी तरह की लॉजिस्टिक समस्या नजर नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो बीसीसीआई अपने स्तर पर खिलाड़ियों के लिए बेहतर इंतजाम करेगा।
सैकिया ने कहा, 'ऐसा कोई मुद्दा नहीं है जिस पर हमने आज या इससे पहले चर्चा की हो या जो हमारे एजेंडे में हो। इसलिए जापान में हमें किसी तरह की परेशानी नहीं होने वाली है। अगर किसी तरह की स्थिति पैदा होती है तो हम सही समय पर उचित फैसला लेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एशियाई खेलों में हमारे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को आयोजकों की ओर से सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं मिलें।'
वैभव सूर्यवंशी
क्या जरूरत पड़ने पर बीसीसीआई खुद उठाएगा कदम?
सैकिया ने कहा, 'अगर जरूरत पड़ी तो बीसीसीआई अपने खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अपनी व्यवस्था तैयार रखेगा।' जापान क्रिकेट एसोसिएशन के सीईओ नाओकी एलेक्स मियाजी ने भी बताया था कि क्रिकेट में हिस्सा लेने वाली टीमों को होटल में ठहरने की सुविधा दी जा रही है। हालांकि, टीमें चाहें तो अपने स्तर पर भी रहने की व्यवस्था कर सकती हैं।
वैभव सूर्यवंशी को लेकर BCCI की क्या है खास योजना?
सैकिया ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी बीसीसीआई की सोच स्पष्ट की। 15 वर्षीय वैभव ने कम उम्र में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी है। बोर्ड अब यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उनकी सफलता सिर्फ कुछ मैचों या एक सीजन तक सीमित न रहे।
सैकिया ने कहा, 'बीसीसीआई इस बात पर गर्व कर सकता है कि हम 15 साल की उम्र के एक खिलाड़ी को बढ़ावा दे रहे हैं, जो पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। हम बहुत सावधानी बरत रहे हैं कि वह हर सही कदम आगे बढ़ाए, ताकि यह सिर्फ एक सीरीज या एक साल की सफलता बनकर न रह जाए।' उन्होंने कहा कि बोर्ड चाहता है कि वैभव लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट की सेवा करें।'
देवजीत सैकिया
- फोटो : ANI
वैभव को लेकर और क्या बोले देवजीत सैकिया?
सैकिया ने कहा, 'हम चाहते हैं कि वैभव की प्रासंगिकता या उनके जैसे किसी खिलाड़ी का महत्व लगातार बना रहे और वह देश की उसी तरह सेवा करें जैसे सचिन तेंदुलकर ने की या अतीत में दूसरे खिलाड़ियों ने की, जो आगे चलकर दिग्गज बने। इसलिए हम वैभव को बहुत गंभीरता से देख रहे हैं। उनके हर पहलू और अंतरराष्ट्रीय करियर में उठाए जा रहे हर कदम पर नजर रखी जा रही है। बीसीसीआई उनके भविष्य को लेकर बहुत करीब से निगरानी कर रहा है।'
सिर्फ वैभव नहीं, और किन 10-15 युवा खिलाड़ियों पर नजर?
बीसीसीआई सिर्फ वैभव सूर्यवंशी पर ही ध्यान नहीं दे रहा है। सैकिया ने बताया कि बोर्ड ने करीब 10 से 15 खिलाड़ियों का एक विशेष समूह तैयार किया है, जिनके विकास पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस समूह की निगरानी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के क्रिकेट प्रमुख और पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण कर रहे हैं।
वैभव सूर्यवंशी
सैकिया ने कहा, 'हमारे चयनकर्ता भी खिलाड़ियों पर नजर रख रहे हैं। हमारे पास बड़ी संख्या में ऐसे युवा खिलाड़ी हैं जो अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। अगर आप हमारी अंडर-19 भारतीय टीम को देखें तो वह हाल में चैंपियन बनी है। इसी तरह महिला क्रिकेट में भी हम पिछले दो अंतरराष्ट्रीय अंडर-19 टी20 विश्व कप के चैंपियन हैं।'
उन्होंने कहा, 'हम सिर्फ वैभव की प्रासंगिकता नहीं देख रहे हैं, बल्कि करीब 10-15 खिलाड़ी हमारे लक्षित समूह में हैं। उनके नाम हमारी लक्षित समूह की सूची में हैं और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। वह उनके भविष्य, ट्रेनिंग और कौशल विकास में काफी रुचि ले रहे हैं।'
भारतीय टीम
- फोटो : BCCI
टेस्ट में स्पिनरों की कमी पर क्या बोले सैकिया?
भारतीय टेस्ट टीम में फ्रंटलाइन स्पिन गेंदबाजों की कमी को लेकर उठ रहे सवालों पर भी सैकिया ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने हालिया श्रीलंका दौरे का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने टेस्ट सीरीज 1-0 से जीती और बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार ने 16 विकेट लिए। उन्होंने कहा, 'स्पिनरों की कमी की बात हो रही है, लेकिन हमने श्रीलंका के खिलाफ पहला टेस्ट जीता। तो विकेट किसने लिए? हमारे स्पिनरों ने। इसलिए आपको हमारी सफलता की भी सराहना करनी चाहिए।'
सैकिया ने माना कि कुछ पिचों पर गेंदबाजों के लिए परिस्थितियां मुश्किल होती हैं। उन्होंने कहा, 'कभी-कभी चुनौती होती है क्योंकि पिच बहुत सपाट हो जाती है और कोई भी गेंदबाज प्रभावी नहीं हो पाता। इसलिए हमें सभी चीजों पर विचार करना होगा। अगर स्पिनर अपना काम नहीं कर रहा है तो बुमराह कर रहे हैं। इसलिए संतुलन मौजूद है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमें जीतना चाहिए। स्पिनर विकेट ले रहा है या तेज गेंदबाज, यह अकेला मापदंड नहीं है। असली मापदंड यह होना चाहिए कि भारत विश्व चैंपियन बने, जो हम इसी साल बन भी चुके हैं।'