अलीम डार ने चयनकर्ता पद से इस्तीफा दिया
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टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद अब असर मैदान के बाहर भी दिखने लगा है। टीम के सुपर-8 से बाहर होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में पहला बड़ा झटका तब लगा, जब पूर्व एलीट पैनल अंपायर अलीम डार ने राष्ट्रीय चयन समिति से इस्तीफा दे दिया। डार 2024 में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ज (पीसीबी) से चयनकर्ता के रूप में जुड़े थे, लेकिन उन्होंने समिति के भीतर के माहौल और हस्तक्षेप से नाराज होकर पद छोड़ने का फैसला किया।
क्या थी इस्तीफे की असली वजह?
पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डार की सबसे बड़ी आपत्ति टी20 वर्ल्ड कप टीम के चयन को लेकर थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने वरिष्ठ खिलाड़ियों बाबर आजम और शादाब खान को टीम में शामिल करने का विरोध किया था। डार का मानना था कि हालिया प्रदर्शन के आधार पर चयन होना चाहिए। उन्होंने विकेटकीपर-बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान को नंबर-छह पर स्पष्ट भूमिका देने का सुझाव दिया था। एक रिपोर्ट में कहा गया, 'अलीम डार इस बात से बेहद नाराज थे कि उन्होंने बिना प्रदर्शन के आधार पर कुछ खिलाड़ियों को शामिल करने का विरोध किया, लेकिन कोच ने उनकी बात नहीं मानी।'
कोच के हस्तक्षेप से बढ़ा विवाद
रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि हेड कोच माइक हेसन का चयन प्रक्रिया में अत्यधिक हस्तक्षेप था। डार को लगा कि अंतिम फैसलों में कोच का दबदबा ज्यादा था और अन्य चयनकर्ताओं का समर्थन भी उन्हें मिल रहा था। बताया जाता है कि कप्तान सलमान अली आगा या अन्य सदस्यों ने इस व्यवस्था पर सवाल नहीं उठाए, जिससे डार खुद को अलग-थलग महसूस करने लगे।
वर्ल्ड कप में निराशाजनक प्रदर्शन
पाकिस्तान सुपर-8 से आगे नहीं बढ़ सका। टीम को भारत और इंग्लैंड के खिलाफ अहम मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। पीसीबी पहले ही खिलाड़ियों पर आर्थिक जुर्माना लगा चुका है, लेकिन डार का इस्तीफा यह संकेत देता है कि समस्या सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है। अब चयन समिति में आकिब जावेद, असद शफीक और डेटा एनालिस्ट उस्मान हाशमी बचे हैं। पीसीबी के सामने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और संतुलन बहाल करने की बड़ी चुनौती है।