इसके पहले ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी पहली पारी में 326 रन पर सिमट गई। लंच से पहले-पहले भारतीय गेंदबाजों ने अपनी लय पकड़ते हुए मेजबान टीम को इस स्कोर पर रोका। भारतीय टीम की ओर से इशांत शर्मा ने सर्वाधिक 4 विकेट लिए। बुमराह, उमेश यादव और हनुमा विहारी के खाते में 2-2 विकेट आए।
पैट कमिंस और टिम पेन के बीच 59 रन की साझेदारी की बदौलत ही मेजबान टीम 300 रन का आंकड़ा पार कर पाई। पहले विकेट पर शतकीय साझेदारी के बाद ये पारी की दूसरी अर्धशतकीय साझेदारी थी। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह उनका दसवां फिफ्टी प्लस स्कोर है।वह इंग्लैंड के खिलाफ भी दस बार फिफ्टी प्लस स्कोर बना चुके हैं।
पहले दिन के स्कोर (278/6) से आगे खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया ने संयमित शुरुआत की। विकेट तलाश रहे भारतीय गेंदबाज टिम पेन (38) - पैट कमिंस (19) की साझेदारी तोड़ नहीं पा रहे थे। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 59 रन की साझेदारी हो चुकी थी।
तभी तेज गेंदबाज उमेश यादव ने एक बेहतरीन गेंद पर पैट कमिंस को क्लीन बोल्ड कर भारतीय टीम को दूसरे दिन का पहला विकेट दिलाया। अब कप्तान विराट कोहली ने अगला ओवर जसप्रीत बुमराह को थमाया।
इस ओवर की दूसरी ही गेंद पर बुमराह ने कंगारू कप्तान टीम पेन का खेल खत्म किया। पेन पगबाधा आउट हुए। उन्होंने रिव्यू लिया, लेकिन वो भारत के नाम रहा। टिम पेन ने 89 गेंदों पर 38 रन बनाए। उन्होंने पांच चौके भी लगाए।
अभी 16 रन ही जुड़ पाए थे कि तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने मिचेल स्टार्क को (6) को विकेट के पीछे ऋषभ पंत के हाथों झिलवाया फिर अगली ही गेंद पर जोश हेजलवुड को भी पंत के हाथों कैच करवा कर ऑस्ट्रेलियाई पारी समेट दी।
पहले 8 ओवर्स में इशांत शर्मा और मोहम्मद शमी ने अनुशासित गेंदबाजी तो की, लेकिन वे विकेट हासिल करने में नाकामयाब रहे। हालांकि टिम पेन और पैट कमिंस खुल कर बल्लेबाजी नहीं कर सके, लेकिन वे मौका मिलते ही रन चुराते रहे।
पिच पर दूसरे दिन कुछ दरारें दिख रहीं हैं। बताया जा रहा है कि अब गेंदबाजों को ज्यादा मदद मिलने लगेगी। मैच के पहले दिन टीम इंडिया के गेंदबाजों को पर्थ ने नए ऑप्टस मैदान की घास वाली पिच से वह मदद नहीं मिल सकी जिसकी उम्मीद थी।