पहले जान लीजिए क्या है फुल और हाईब्रिड कॉन्ट्रैक्ट में अंतर?
क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका में फुल कॉन्ट्रैक्ट (नेशनल कॉन्ट्रैक्ट) के तहत खिलाड़ियों को सभी फॉर्मेट और राष्ट्रीय टीम की जिम्मेदारियों के लिए उपलब्ध रहना होता है। इसके बदले उन्हें फिक्स सैलरी मिलता है, क्योंकि वे दक्षिण अफ्रीका को प्राथमिकता देते हैं।
वहीं, हाइब्रिड कॉन्ट्रैक्ट अनुभवी खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और फ्रेंचाइज़ लीग (जैसे T20 लीग) के बीच संतुलन बनाने की छूट देता है। इसमें खिलाड़ी केवल कुछ द्विपक्षीय सीरीज और आईसीसी टूर्नामेंट के लिए ही राष्ट्रीय टीम के लिए उपलब्ध रहने का वादा करते हैं, जिससे वे बाकी समय में लीग क्रिकेट खेलकर ज्यादा कमाई कर सकते हैं।
अब जानिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कॉन्ट्रैक्ट में किसे जगह दी?
मैक्सवेल और रिचर्डसन के अलावा सैम कोंस्टास और मैट शॉर्ट को कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया गया है। एशेज में शानदार प्रदर्शन का इनाम माइकल नेसर को दिया गया है। उन्हें सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में शामिल किया गया है। नेसर के साथ ही ब्रेंडन डॉगेट और ऑफ स्पिनर टॉड मर्फी को भी जगह दी गई है।
वेदराल्ड ने एशेज में ट्रेविस हेड के साथ पारी की शुरुआत करते हुए कुछ अच्छी पारियां खेली थी। सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का हिस्सा बनने के बाद तय माना जा रहा है कि उन्हें बतौर ओपनर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और मौके देने का मन बना चुकी है। वेदराल्ड ने घरेलू क्रिकेट में तस्मानिया के लिए खेलते हुए भी शानदार फॉर्म दिखाया है। संन्यास ले चुके उस्मान ख्वाजा, तेज गेंदबाज लांस मॉरिस का भी कॉन्ट्रैक्ट समाप्त कर दिया गया है।
रिचर्डसन साल के अंत में खेलते दिख सकते हैं
रिचर्डसन को बाहर करना खास तौर पर दिलचस्प है क्योंकि उन्होंने कंधे की सर्जरी के लंबे रिहैब के बाद टेस्ट टीम में वापसी की और मेलबर्न में इंग्लैंड के खिलाफ खेले। हालांकि, रिचर्डसन के साल के आखिर में खेलने की पूरी संभावना है। रिचर्डसन के वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया टीम के साथी मॉरिस का कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया है। वे पिछले अगस्त से पीठ में एक और स्ट्रेस फ्रैक्चर और उसके बाद हुई सर्जरी की वजह से बाहर हैं। पिछले साल के बीच में वेस्टइंडीज दौरे के बाद टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद कोंस्टास के कॉन्ट्रैक्ट को आगे नहीं बढ़ाया गया है। मैट रेनशॉ को भी जगह नहीं मिली है।
मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली ने क्या कहा?
मैक्सवेल अब सिर्फ एक ही फॉर्मेट खेलते हैं। ऐसे में उनका कॉन्ट्रैक्ट से बाहर होना तय था। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली ने कहा, 'कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में आने वाले शेड्यूल को ध्यान में रखते हुए समय के साथ प्रदर्शन करने वालों को जगह देकर संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। अगले 12 महीनों में दक्षिण अफ्रीका, भारत और इंग्लैंड के में सीरीज जहां के मौसम अलग-अलग है। इसके अलावा घरेलू सीरीज भी होनी है। हम जानते हैं कि हमें कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों के अलावा दूसरे खिलाड़ियों की भी जरूरत होगी और हम उनका इस्तेमाल भी करेंगे।'
चयनकर्ताओं ने 24 उपलब्ध कॉन्ट्रैक्ट में से सिर्फ 21 दिए हैं (पिछले साल के 23 से कम), और टेस्ट क्रिकेट की तरफ ज्यादा ध्यान दिया गया है। ऐसे समय में जब बड़े खिलाड़ियों को इतनी राशि देना कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट में दिलचस्पी कम हो जाए, एक बड़ी चिंता है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट (सत्र 2026-27) में शामिल खिलाड़ी: जेवियर बार्टलेट, स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी, पैट कमिंस, ब्रेंडन डॉगेट, नाथन एलिस, कैमरून ग्रीन, जोश हेजलवुड, ट्रेविस हेड, जोश इंग्लिस, मैथ्यू कुहनेमैन, मार्नस लाबुशेन, नाथन लियोन, मिशेल मार्श, टॉड मर्फी, माइकल नेसर, स्टीव स्मिथ, मिशेल स्टार्क, जेक वेदराल्ड, ब्यू वेबस्टर, एडम जैम्पा।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया में खिलाड़ियों की सैलरी कितनी?
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के 2025/26 सीजन में ऑस्ट्रेलिया पुरुष टीम के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट खिलाड़ियों की औसत सालाना सैलरी (रिटेनर) लगभग AUD $951,000 यानी 6.15 करोड़ रुपये है, जबकि टॉप स्तर के खिलाड़ी AUD $2 मिलियन यानी 12.93 करोड़ से ज्यादा कमा रहे हैं। मौजूदा एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) के तहत इन सैलरी में हर साल करीब दो प्रतिशत की बढ़ोतरी भी तय की गई है, जिससे 2026-27 सीजन में खिलाड़ियों की कमाई निश्चित तौर पर और बढ़ गई होगी।
अलग-अलग कैटेगरी
- टॉप टियर (कप्तान/मुख्य खिलाड़ी): लगभग AUD $2 मिलियन यानी 12.93 करोड़ रुपये
- हाई टियर (मल्टी-फॉर्मेट स्टार): AUD $1.2M – $1.6M यानी 7.7 करोड़ रुपये से 10.3 करोड़ रुपये
- न्यूनतम रिटेनर: लगभग AUD $367,000 यानी 2.37 करोड़ रुपये
मैच फीस (हर मैच पर अतिरिक्त)
| फॉर्मेट |
मैच फीस (AUD) |
भारतीय रुपये (लगभग) |
| टेस्ट मैच |
$20,000 |
₹12.94 लाख |
| ODI |
$15,000 |
₹9.70 लाख |
| T20I |
$10,000 |
₹6.46 लाख |
कॉन्ट्रैक्ट अपग्रेड सिस्टम: जो खिलाड़ी कॉन्ट्रैक्ट में नहीं हैं, वे इंटरनेशनल मैच खेलकर पॉइंट्स के जरिए बीच सीजन में कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर सकते हैं
- टेस्ट: पांच पॉइंट
- ODI: दो पॉइंट
- T20I: एक पॉइंट
- कुल 12 पॉइंट्स पर सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट मिल सकता है
दक्षिण अफ्रीका की टीम
- फोटो : IANS
क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के भी सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का एलान
क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने दक्षिण अफ्रीका पुरुष और महिला टीम के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट्स का एलान कर दिया है। यह एक जून 2026 से 31 मई 2027 तक प्रभावी रहेंगे। पुरुषों की लिस्ट में खिलाड़ियों को दो कैटेगरी में बांटा गया है- फुल कॉन्ट्रैक्ट और हाइब्रिड कॉन्ट्रैक्ट। फुल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों (जैसे तेम्बा बावुमा, एडन मार्करम, कगिसो रबाडा) को पूरे साल सभी फॉर्मेट और अंतरराष्ट्रीय ड्यूटी के लिए उपलब्ध रहना होगा। इसके बदले उन्हें ज्यादा सैलरी और स्थिरता मिलती है।
वहीं, हाइब्रिड कॉन्ट्रैक्ट में सिर्फ साइमन हार्मर को रखा गया है, जिससे वह कुछ खास सीरीज और आईसीसी टूर्नामेंट में ही राष्ट्रीय टीम के लिए खेलेंगे और बाकी समय फ्रेंचाइज लीग में हिस्सा ले सकेंगे। इसके अलावा कुछ खिलाड़ियों को इस बार रिटेन नहीं किया गया, यानी उन्हें नया कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिला। कुल मिलाकर सीएसए का यह मॉडल खिलाड़ियों को संतुलन और टीम को स्थिरता देने की कोशिश है।
दक्षिण अफ्रीका के महिला क्रिकेटरों की भी लिस्ट आई
दक्षिण अफ्रीका की महिला क्रिकेटरों की बात करें तो इस लिस्ट में टीम की स्टार खिलाड़ियों जैसे एल वोल्वार्ड्ट, मारिजाने कैप और क्लो ट्रायोन को शामिल किया गया है, जो पूरे साल राष्ट्रीय टीम के लिए उपलब्ध रहेंगी इस बार कुछ नए चेहरों को भी मौका मिला है, जिनमें कराबो मेसो का नाम खास है, जिन्हें न्यूली कॉन्ट्रैक्टेड कैटेगरी में रखा गया है वहीं, एलिज-मैरी मार्क्स को इस बार रिटेन नहीं किया गया, यानी उन्हें नया कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिला। कुल मिलाकर सीएसए ने अनुभवी और युवा खिलाड़ियों के संतुलन के साथ टीम को मजबूत बनाने की कोशिश की है, ताकि आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।
दक्षिण अफ्रीका (पुरुष) सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट 2026-27
| फुल कॉन्ट्रैक्ट |
हाइब्रिड |
रिटेन नहीं |
| तेम्बा बावुमा |
साइमन हार्मर |
नांद्रे बर्गर |
| डेविड बेडिंघम |
|
गेराल्ड कोएत्जी |
| ओटनील बार्टमैन (नए) |
|
रीा हेंड्रिक्स |
| कॉर्बिन बॉश (नए) |
|
लिजाड विलियम्स |
| मैथ्यू ब्रीट्ज़के (नए) |
|
डेविड मिलर |
| डेवाल्ड ब्रेविस (नए) |
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रसी वान डर डुसेन |
| टोनी डी जोर्जी |
|
|
| मार्को यानसेन |
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| केशव महाराज |
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| क्वेना माफाका |
|
|
| एडेन मार्करम |
|
|
| वियान मुल्डर |
|
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| सेनुरान मुथुसामी |
|
|
| लुंगी एनगिडी |
|
|
| कगिसो रबाडा |
|
|
| रेयान रिकेल्टन |
|
|
| ट्रिस्टन स्टब्स |
|
|
| काइल वेर्रेन |
दक्षिण अफ्रीका (महिला) सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट 2026-27
| कॉन्ट्रैक्टेड खिलाड़ी |
रिटेन नहीं |
| एल वोलवार्ड्ट |
एलिज-मैरी मार्क्स |
| एनेके बॉश |
|
| ताजमिन ब्रिट्स |
|
| नादिन डी क्लर्क |
|
| एनेरी डर्कसन |
|
| अयांडा ह्लुबी |
|
| सिनालो जाफ्टा |
|
| मरिजाने कप |
|
| अयाबोंगा खाका |
|
| मसाबाता क्लास |
|
| सुने लूस |
|
| कराबो मेसो (नईं) |
|
| नोनकुलेको म्लाबा |
|
| तुमी सेखुखुने |
|
| क्लो ट्रायन |
क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका में खिलाड़ियों की सैलरी कितनी?
क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (CSA) आमतौर पर खिलाड़ियों की सैलरी सार्वजनिक नहीं करता, क्योंकि यह उनकी सीनियरिटी और फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) के आधार पर तय होती है। हालांकि, इसके अनुमानित आंकड़े इस प्रकार हैं (पुरुष क्रिकेटरों की जानकारी हम आपको दे रहे हैं)...
फुल कॉन्ट्रैक्ट: फुल कॉन्ट्रैक्ट खिलाड़ियों की कमाई का मुख्य और तय स्रोत होता है। इसे अलग-अलग टियर में बांटा जाता है, जहां बड़े खिलाड़ियों को ज्यादा पैसा मिलता है।
- सालाना रिटेनर (अनुमानित): लगभग 15 लाख से 45 लाख रैंड (करीब $80,000–$240,000 यानी ₹74.4 लाख से 2.23 करोड़)
- टॉप खिलाड़ी: कगिसो रबाडा और एडेन मार्करम जैसे खिलाड़ी इस रेंज के ऊपरी स्तर पर होते हैं
मैच फीस (रिटेनर के अलावा)
- टेस्ट मैच: लगभग $4500 (₹85,000 रैंड यानी ₹4.18 लाख के आसपास)
- ODI: लगभग $1200 (₹1.12 लाख)
- T20I: लगभग $800 (₹74,400)
हाइब्रिड कॉन्ट्रैक्ट: हाइब्रिड कॉन्ट्रैक्ट एक नया और लचीला मॉडल है, जिसमें खिलाड़ी को पूरी तरह उपलब्ध रहने की जरूरत नहीं होती।
- रिटेनर: फुल कॉन्ट्रैक्ट से कम होता है और टॉप-अप पेमेंट के रूप में दिया जाता है।
- फ्रेंचाइजी लीग से कमाई: हाइब्रिड कॉन्ट्रैक्ट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि खिलाड़ी किसी भी लीग में खेल सकते हैं।
- कमाई: एक सीजन में लगभग 1.5 करोड़ से 5 करोड़ रैंड (कई गुना ज्यादा)