रूट और स्टोक्स के लिए भी पहली जीत
यह जीत इंग्लैंड के लिए ही नहीं, बल्कि कप्तान जो रूट और ऑलराउंडर बेन स्टोक्स के लिए भी खास रही। रूट ने ऑस्ट्रेलिया में 18 टेस्ट मैचों के बाद पहली जीत दर्ज की, जबकि स्टोक्स को 13 टेस्ट के बाद ऑस्ट्रेलियाई धरती पर जीत नसीब हुई। यह आंकड़े बताते हैं कि यह दौरा इंग्लैंड के लिए कितना चुनौतीपूर्ण रहा है। हालांकि, मेलबर्न टेस्ट में आखिरकार बैजबॉल का खेल काम आया और इंग्लैंड की टीम ने 5.50 के रन रेट से रन बनाए।
एशेज में 150+ रन के सफल चेज में सबसे तेज रन रेट
| रन रेट |
टीम |
स्थान |
साल |
लक्ष्य |
| 7.23 |
ऑस्ट्रेलिया |
पर्थ |
2025 |
205 |
| 5.50 |
इंग्लैंड |
मेलबर्न |
2025 |
175 |
| 5.38 |
ऑस्ट्रेलिया |
ट्रेंट ब्रिज |
2001 |
158 |
| 5.11 |
ऑस्ट्रेलिया |
एडिलेड |
2006 |
168 |
| 5.08 |
इंग्लैंड |
हेडिंग्ले |
2023 |
251 |
130 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
मेलबर्न टेस्ट सिर्फ 852 गेंदों में समाप्त हो गया। यह एशेज इतिहास के सबसे तेज खत्म होने वाले पांच टेस्ट मैचों में शामिल हो गया। इससे पहले 1895 में सिडनी टेस्ट 911 गेंदों में समाप्त हुआ था। यानी करीब 130 साल बाद इतना छोटा टेस्ट मैच देखने को मिला।
सबसे छोटे पूरे हुए एशेज टेस्ट (गेंदों के हिसाब से)
| गेंद |
स्थान |
साल |
विजेता |
| 788 |
ओल्ड ट्रैफर्ड |
1888 |
इंग्लैंड |
| 792 |
लॉर्ड्स |
1888 |
ऑस्ट्रेलिया |
| 847 |
पर्थ |
2025 |
ऑस्ट्रेलिया |
| 852 |
मेलबर्न |
2025 |
इंग्लैंड |
| 911 |
सिडनी |
1895 |
ऑस्ट्रेलिया |
दो दिन में खत्म होने वाले एशेज टेस्ट
इतिहास में बहुत कम एशेज टेस्ट ऐसे रहे हैं जो दो दिन के भीतर समाप्त हो गए हों। 19वीं सदी में ऐसे कई मैच देखने को मिले थे, लेकिन आधुनिक क्रिकेट में यह बेहद दुर्लभ है। 2025 में पर्थ और अब मेलबर्न, दोनों टेस्ट का दो दिन में खत्म होना बताता है कि पिच और हालात कितने चरम थे।
दो दिन में खत्म हुए एशेज टेस्ट
| स्थान |
साल |
| लॉर्ड्स |
1888 |
| द ओवल |
1888 |
| मैनचेस्टर |
1888 |
| द ओवल |
1890 |
| नॉटिंघम |
1921 |
| पर्थ |
2025 |
| मेलबर्न |
2025 |
बॉक्सिंग डे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा टूटा
2011 के बाद से बॉक्सिंग डे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड शानदार रहा है। 15 मैचों में उन्होंने 10 जीते थे। लेकिन भारत (2018, 2020) और अब इंग्लैंड (2025) ने इस किले में सेंध लगाई। इंग्लैंड की यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया का मजबूत गढ़ माना जाता है।
2011 के बाद बॉक्सिंग डे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया
| मैच |
जीत |
हार |
ड्रॉ |
| 15 |
10 |
3 |
2 |
तेज रन और तेज रिकॉर्ड
इस एशेज में बल्लेबाजी के कुछ अनोखे रिकॉर्ड भी बने। हैरी ब्रूक सबसे कम गेंदों में 3000 टेस्ट रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बने। वहीं, 150+ रन के सफल चेज में इंग्लैंड ने मेलबर्न में 5.5 रन प्रति ओवर की रफ्तार से रन बनाकर एशेज इतिहास में दूसरा सबसे तेज चेज दर्ज किया।
सबसे तेज 3000 टेस्ट रन (गेंदों के आधार पर)
(जहां बॉल-बाय-बॉल डेटा उपलब्ध है)
| गेंदें |
खिलाड़ी |
| 3468 |
हैरी ब्रूक |
| 3474 |
बेन डकेट |
| 3610 |
एडम गिलक्रिस्ट |
| 4047 |
डेविड वॉर्नर |
| 4095 |
ऋषभ पंत |
| 4129 |
वीरेंद्र सहवाग |
बिना अर्धशतक के 500+ रन
मेलबर्न टेस्ट का एक और अनोखा पहलू यह रहा कि मैच में कुल 572 रन बने, लेकिन कोई भी बल्लेबाज 50+ स्कोर नहीं बना सका। यह एशेज इतिहास के सबसे अजीब रिकॉर्ड्स में से एक है, जो इस मुकाबले की अस्थिर प्रकृति को दर्शाता है।
ऐसे टेस्ट मैच जिनमें कुल 500+ रन बने लेकिन कोई अर्धशतक नहीं
| कुल रन |
मुकाबला |
स्थान |
साल |
| 787 |
ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड |
एजबेस्टन |
1981 |
| 652 |
भारत बनाम द. अफ्रीका |
नागपुर |
2015 |
| 572 |
ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड |
मेलबर्न |
2025 |
| 539 |
ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड |
सिडनी |
1887 |
| 516 |
वेस्टइंडीज बनाम ऑस्ट्रेलिया |
किंग्सटन |
2025 |
| 507 |
न्यूजीलैंड बनाम भारत |
हैमिल्टन |
2002 |
इंग्लैंड का सबसे लंबा सूखा खत्म
ऑस्ट्रेलिया में लगातार 18 टेस्ट मैच बिना जीते रहने का इंग्लैंड का रिकॉर्ड आखिरकार खत्म हुआ। यह आंकड़ा न्यूजीलैंड के बराबर था, जो 1987 से 2011 तक चला था। मेलबर्न टेस्ट ने इस बदनाम सूची से इंग्लैंड का नाम हटा दिया।
ऑस्ट्रेलिया में लगातार सबसे ज्यादा टेस्ट बिना जीत
| टीम |
मैच |
| न्यूजीलैंड |
18 |
| इंग्लैंड |
18 (अब खत्म) |
| वेस्टइंडीज |
17 |
| पाकिस्तान |
17* |
| श्रीलंका |
15* |