फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हॉन्गकॉन्ग सिक्सेस: अफगानिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर पहली बार जीता खिताब, कैसा रहा भारतीय टीम का प्रदर्शन?

Sun, 01 Nov 2026 05:55 PM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मॉन्ग कोक

सार

  • अफगानिस्तान ने हॉन्गकॉन्ग सिक्सेस 2026 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को चार विकेट से हराकर पहली बार खिताब अपने नाम किया।
  • गुलबदीन नायब की कप्तानी में अफगान टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही।
  • वहीं, भारतीय टीम ने बांग्लादेश को पांच विकेट से हराकर जीत के साथ अभियान समाप्त किया। हालांकि, भारत को टूर्नामेंट में पाकिस्तान, यूएई और इंग्लैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
अफगानिस्तान ने जीता हॉन्गकॉन्ग सिक्सेस - फोटो : IANS
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हॉन्गकॉन्ग सिक्सेस 2026 में अफगानिस्तान ने इतिहास रचते हुए पहली बार खिताब अपने नाम किया। गुलबदीन नायब की कप्तानी वाली अफगान टीम ने रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को चार विकेट से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। वहीं, भारतीय टीम ने भी टूर्नामेंट का समापन जीत के साथ किया। भारत ने बाउल डिवीजन के प्लेऑफ मुकाबले में बांग्लादेश को पांच विकेट से हराया। आखिरी गेंद तक चले रोमांचक मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने 117 रन का लक्ष्य हासिल किया।
विज्ञापन


फाइनल में अफगानिस्तान का तूफानी प्रदर्शन
मिशन रोड ग्राउंड पर खेले गए खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह ओवर में चार विकेट पर 115 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से मैक्स ब्रायंट ने सबसे ज्यादा 44 रन बनाए। उन्होंने महज 14 गेंदों का सामना करते हुए यह पारी खेली। एलेक्स रॉस ने 10 गेंदों पर नाबाद 29 रन और निक हॉब्सन ने आठ गेंदों पर 23 रन का योगदान दिया।

116 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली। टीम ने महज 5.1 ओवर में दो विकेट के नुकसान पर 119 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। अफगानिस्तान की जीत के हीरो इमरान मीर रहे, जिन्होंने सिर्फ 14 गेंदों पर 53 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी पारी में सात छक्के और दो चौके शामिल रहे। वहीं, फरमानुल्लाह सफी ने सात गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाए। उन्होंने चार छक्के लगाए और 371.43 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। कप्तान गुलबदीन नायब ने भी छह गेंदों पर 17 रन बनाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
विज्ञापन
Trending Videos

पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही अफगानिस्तान
अफगानिस्तान की खिताबी जीत इसलिए भी खास रही, क्योंकि टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही। उसने ग्रुप ए के अपने पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को तीन विकेट से हराया। इसके बाद ओमान के खिलाफ चार विकेट से जीत दर्ज की।नॉकआउट चरण में भी अफगानिस्तान का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। टीम ने सेमीफाइनल में स्कॉटलैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई। पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान ने 121 रन बनाए, जिसके जवाब में स्कॉटलैंड की टीम 100 रन ही बना सकी। इस खिताब के साथ अफगानिस्तान हॉन्गकॉन्ग सिक्सेस टूर्नामेंट जीतने वाला आठवां देश बन गया। उससे पहले पाकिस्तान, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज यह ट्रॉफी जीत चुके हैं।

शशांक - फोटो : IANS
भारत ने बांग्लादेश को हराया
  • दूसरी ओर, भारतीय टीम का अभियान भी जीत के साथ समाप्त हुआ। बाउल डिवीजन के प्लेऑफ मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को पांच विकेट से शिकस्त दी। पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने छह ओवर में 116 रन बनाए थे। भारतीय टीम ने आखिरी गेंद पर लक्ष्य हासिल कर लिया।
  • बांग्लादेश ने पारी की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की और पहले ही ओवर में 24 रन ठोक दिए। हालांकि, भारतीय कप्तान क्रुणाल पंड्या ने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने दो ओवर के स्पेल में तीन विकेट झटके। उन्होंने सब्बीर रहमान, मृत्तुंजय चौधरी और मोहम्मद रिजवान को पवेलियन भेजा।
  • बांग्लादेश के कप्तान अबू हैदर ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ तूफानी बल्लेबाजी की। उन्होंने महज 18 गेंदों पर नाबाद 62 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और आठ छक्के शामिल रहे। उनकी पारी की बदौलत बांग्लादेश ने 116 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।

शशांक और राहुल की तूफानी शुरुआत, आखिरी गेंद पर मिली जीत
117 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को शशांक सिंह और राहुल त्रिपाठी ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 69 रन की साझेदारी की। राहुल त्रिपाठी ने 12 गेंदों पर 32 रन बनाए, जबकि शशांक सिंह ने महज 15 गेंदों पर 50 रन की तूफानी पारी खेली। उनकी पारी में एक चौका और सात छक्के शामिल रहे। हालांकि, मुकाबला आखिरी ओवर तक पहुंच गया और भारत को जीत के लिए अंतिम छह गेंदों में 23 रन की जरूरत थी। दबाव की स्थिति में राहुल तेवतिया और नीतीश राणा ने शानदार बल्लेबाजी की और आखिरी गेंद पर टीम को जीत दिला दी। इससे पहले भारत को बाउल डिवीजन के सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ तीन रन से करीबी हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में बांग्लादेश के खिलाफ जीत ने भारतीय टीम को टूर्नामेंट से सकारात्मक विदाई दिलाई।
विज्ञापन

भारत बनाम पाकिस्तान - फोटो : HongKong Sixes
कैसा रहा टीम इंडिया का प्रदर्शन?
  • भारतीय टीम का हॉन्गकॉन्ग सिक्सेस में सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा। छह खिलाड़ियों के इस टूर्नामेंट में भारत को ग्रुप सी के दोनों मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा। टीम ने पहले 30 अक्तूबर को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ 88 रन बनाए, लेकिन पाकिस्तान ने 3.5 ओवर में दो विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और चार विकेट से जीत दर्ज की। 
  • इसके बाद 31 अक्तूबर को भारत को यूएई के खिलाफ 10 विकेट से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। भारतीय टीम छह ओवर में 94/6 रन ही बना सकी, जबकि यूएई ने बिना कोई विकेट गंवाए 4.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। 
  • लगातार दो हार के कारण भारत कप डिवीजन की दौड़ से बाहर होकर बाउल डिवीजन में पहुंच गया। यहां भी टीम को सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ तीन रन से करीबी हार मिली। इंग्लैंड ने छह ओवर में 124/2 रन बनाए थे, जिसके जवाब में भारतीय टीम 121/4 रन ही बना सकी। 
  • हालांकि, भारत ने आखिरी मुकाबले में बांग्लादेश को पांच विकेट से हराकर टूर्नामेंट का अंत जीत के साथ किया। इस तरह भारत ने चार मुकाबले खेले, जिनमें उसे तीन में हार और एक में जीत मिली। टीम टूर्नामेंट में 11वें स्थान पर रही।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें