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'टीम में न जज्बा है, न लड़ने का दम': पाकिस्तान क्रिकेट पर बरसे एबी डिविलियर्स, क्यों लगाई लताड़ और क्या बोले?

Tue, 08 Sep 2026 09:57 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, केप टाउन

सार

दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान के प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने टीम में जज्बे, संघर्ष और चरित्र की कमी बताई। डिविलियर्स ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की लगातार बदलाव की नीति पर भी सवाल उठाते हुए बाबर आजम को लंबा मौका देने की उम्मीद जताई।
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डिविलियर्स ने पाकिस्तान को लताड़ा - फोटो : ANI
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विस्तार
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पाकिस्तान क्रिकेट टीम इन दिनों मैदान के अंदर और बाहर लगातार चर्चा में है। इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खराब प्रदर्शन और टीम में किए गए बड़े बदलावों के बीच दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स ने पाकिस्तान क्रिकेट को लेकर अपनी बेबाक राय रखी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा टीम में उस स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए जरूरी जज्बे और संघर्ष की कमी नजर आती है।
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'पाकिस्तान के खिलाड़ियों में जज्बा और लड़ाई की कमी'
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट से पहले डिविलियर्स ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी इकाई पर विशेष रूप से सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को मुश्किल परिस्थितियों में अतिरिक्त मेहनत करने और संघर्ष करने के लिए तैयार रहना होगा। डिविलियर्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'मैं इस समय पाकिस्तान के बहुत से खिलाड़ियों को व्यक्तिगत रूप से उन अतिरिक्त कड़ी मेहनत के लिए तैयार नहीं देखता, खासकर बल्लेबाजी यूनिट में। पर्याप्त जज्बा नहीं है। लड़ाई नहीं है। विकेट हमेशा बल्लेबाजों के लिए अच्छा नहीं होना चाहिए। कई बार सॉफ्ट विकेट होते हैं और बात फिर वहीं पर आकर टिक जाती है। यह एक फैसला है जो आपको लेना होता है, आपको जज्बा दिखाना होता है।' उन्होंने आगे बताया कि मुश्किल परिस्थितियों में बल्लेबाजों को अपने अहंकार के बजाय टीम की जरूरत के हिसाब से खेलना चाहिए।

डिविलियर्स ने कहा, 'कभी-कभी यह बदसूरत और देखने में बेहद मुश्किल होता है। अगर मैं अपने अहंकार के लिए खेलता, तो शायद मैं एक अलग खिलाड़ी होता। मेरे लिए हमेशा यह मायने रखता था कि मैं आज यहां कितना दृढ़ और मजबूत दिखा सकता हूं। मुझे हमेशा लगता था कि विपक्षी टीम मेरे चरित्र को चुनौती दे रही है। मैंने इसी तरह परिस्थिति का सामना करने का फैसला किया।'

टेस्ट क्रिकेट को बताया चरित्र की परीक्षा
दक्षिण अफ्रीका के दिग्गज ने टेस्ट क्रिकेट को खेल का सबसे ऊंचा स्तर बताया। उनके मुताबिक, लंबे प्रारूप में खिलाड़ी के कौशल के साथ-साथ उसके चरित्र की भी परीक्षा होती है और यही वह क्षेत्र है जहां पाकिस्तान की टीम फिलहाल कमजोर नजर आ रही है। डिविलियर्स ने कहा, 'मुझे हमेशा लगता था कि टेस्ट क्रिकेट आपके चरित्र की परीक्षा है। शायद इस समय पाकिस्तान में इसी चीज की कमी है। थोड़ा चरित्र, थोड़ा संघर्ष। चार या पांच खिलाड़ियों का एक व्यक्तिगत नेतृत्व समूह, जो एक साथ फैसला करे कि हमें यहां नेता बनना है और खिलाड़ियों को दिखाना है। उन्हें उदाहरण पेश करना चाहिए। युवाओं को दिखाना चाहिए कि टेस्ट मैच, वनडे या टी20 जीतने के लिए क्या करना पड़ता है। शायद यही वह क्षेत्र है जहां उनमें कमी है।'

पीसीबी की लगातार बदलाव की नीति पर भी निशाना
डिविलियर्स ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की टीम और नेतृत्व में लगातार बदलाव करने की नीति की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ऊपर से होने वाला कुप्रबंधन भी टीम की मुश्किलों का एक कारण है। उन्होंने कहा, 'ऊपर से थोड़ा कुप्रबंधन भी है। बहुत ज्यादा बदलाव हो रहे हैं। नेतृत्व में भी बहुत बदलाव हुए हैं। बाबर अब वापस आ गए हैं। उम्मीद है कि उन्हें लंबा मौका मिलेगा, वह फिट रहेंगे और फिर से वैसे ही रन बनाना शुरू करेंगे, जैसा कि हम सभी जानते हैं कि वह कर सकते हैं। उनके साथी खिलाड़ियों को भी उनके नेतृत्व का अनुसरण करना शुरू करना होगा।'
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पाकिस्तान की वापसी की उम्मीद
डिविलियर्स ने अपनी बात खत्म करते हुए पाकिस्तान क्रिकेट के लिए उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि टीम में सभी प्रारूपों में बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता है और वह उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान अपनी पुरानी फॉर्म में लौटेगा। उन्होंने कहा, 'तो पाकिस्तान क्रिकेट पर मेरी यही पूरी बात है। उम्मीद है कि वे फिर से अपनी फॉर्म और उस टीम की ओर वापसी करेंगे, जिसके रूप में हम उन्हें खेल के सभी प्रारूपों में जानते हैं।' इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में पाकिस्तान के सामने अब चुनौती खराब प्रदर्शन से उबरने की है। डिविलियर्स की टिप्पणियों ने टीम की मौजूदा स्थिति, खिलाड़ियों के रवैये और पाकिस्तान क्रिकेट में लगातार हो रहे बदलावों को लेकर बहस को एक बार फिर तेज कर दिया है।
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