4, 4 के बाद आई विकेट वाली गेंद
नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल के पहले दिन वैभव ईस्ट जोन की पारी के दूसरे ओवर में बल्लेबाजी करने आए। बिशवोरजीत कोन्थूजाम के इस ओवर की शुरुआती दो गेंदों पर उन्होंने कोई रन नहीं बनाया। इसके बाद वैभव ने लगातार दो गेंदों पर चौके जड़कर अपने अंदाज की झलक दिखाई। पहले उन्होंने मिडविकेट के ऊपर से शानदार फ्लिक खेला और अगली गेंद पर स्क्वायर ड्राइव लगाकर बाउंड्री हासिल की। पांचवीं गेंद को उन्होंने संभलकर छोड़ दिया, लेकिन छठी गेंद पर वह अपना विकेट गंवा बैठे। वैभव गेंद को गली की दिशा में खेलने की कोशिश में एज दे बैठे और कैच हो गए। इस तरह उनका दलीप ट्रॉफी डेब्यू छह गेंदों में आठ रन पर खत्म हो गया। उन्हें बिशवोरजीत ने जोसेफ लालथनकुमा के हाथों कैच कराया।
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अब भी संघर्ष
वैभव ने बेहद कम उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कदम रख दिया था, लेकिन इस प्रारूप में उनका प्रदर्शन अभी तक बहुत प्रभावशाली नहीं रहा है। दलीप ट्रॉफी मुकाबले से पहले वह फर्स्ट क्लास क्रिकेट की 12 पारियों में 17.25 की औसत से रन बना चुके थे और उनके नाम सिर्फ एक अर्धशतक था। उनके दलीप ट्रॉफी में उपकप्तान बनाए जाने पर भी सवाल उठे थे। कुछ लोगों का मानना था कि वैभव को इतनी जल्दी रेड बॉल क्रिकेट के बड़े मंच पर लाया जा रहा है। उनका शुरुआती प्रदर्शन भी बताता है कि इस प्रारूप में उन्हें अभी काफी कुछ सीखना है।