2007 में भारत ने खिताब जीता था, 2026 में क्या होगा?
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टी20 विश्वकप 2026 में फिलहाल टीम इंडिया की हालत अच्छी नहीं है। भारत को सुपर-8 के अपने पहले मुकाबले में ही दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। 76 रन से मिली इस हार से भारतीय टीम का नेट रन रेट भी बिगड़ गया। हालांकि, एक ऐसा संयोग बन रहा है, जो बताता है कि टीम इंडिया अभी भी विश्व चैंपियन बन सकती है। उसमें वापसी करने और सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करने का दमखम है। हालांकि, क्या ऐसा हो पाएगा, यह तो वक्त ही बताएगा। फैंस इस संयोग को सोशल मीडिया पर खूब शेयर कर रहे हैं।
आइए पहले जानते हैं कि वह संयोग क्या है...
भारतीय टीम
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2026 टी20 विश्वकप में अब तक क्या हुआ?
- दरअसल, इस टी20 विश्वकप में भारत ने ग्रुप स्टेज के सभी मैच जीते और अजेय रहते और अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहते हुए सुपर-8 के लिए क्वालिफाई किया।
- भारत ने ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान को हराया, जबकि ग्रुप स्टेज में ही जिम्बाब्वे ने ऑस्ट्रेलिया को शिकस्त दी।
- इसके बाद भारत को सुपर-8 के अपने पहले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।
- भारत का नेट रन रेट -3.80 हो चुका है। सुपर-8 में उसके अगले दो मैच 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ और एक मार्च को वेस्टइंडीज से है।
- भारत को सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करने के लिए दमदार जीत और अच्छी किस्मत की जरूरत है।
- अगले दो मैचों में बड़ी जीत और दक्षिण अफ्रीका की तीनों मैचों में जीत, टीम इंडिया का रास्ता खोल देगी।
टी20 विश्व कप 2007
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2007 में भी हुआ था कुछ ऐसा
- साल 2007 में भी टी20 विश्वकप खेला गया था और महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में टीम इंडिया ने खिताब पर कब्जा जमाया था।
- उस साल भी भारत ने ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान को शिकस्त दी थी। टीम इंडिया ग्रुप स्टेज में शीर्ष पर रहा था और सुपर-8 में पहुंचा था।
- इसके बाद टीम इंडिया को सुपर-8 में अपने पहले मैच में न्यूजीलैंड से शिकस्त मिली थी। कीवियों ने 10 रन से हराया था।
- हालांकि, इसके बाद भारत ने अपने अगले दो मैच इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जीते थे और सेमीफाइनल में जगह बनाई थी।
- भारत सुपर-8 में अपने ग्रुप में टॉप पर रहा था। उसके अलावा न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के भी 4-4 अंक थे, लेकिन किस्मत ने भी टीम इंडिया का साथ दिया था।
- टीम इंडिया ने इसके बाद सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया और फिर फाइनल में पाकिस्तान को शिकस्त दी थी और खिताब अपने नाम किया था।
भारतीय टीम
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अब यह देखने वाली बात होगी कि जैसा 2007 में हुआ था, वैसा कुछ इस बार होता है या नहीं। भारत को किस्मत का भी साथ चाहिए। अगर दक्षिण अफ्रीका अपने बाकी के दोनों मैच जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ जीतती है तो भारत के लिए सिर्फ दो जीत ही पर्याप्त होगा। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका की टीम अगर एक भी मैच हारी तो नेट रन रेट का खेल हो सकता है। इस स्थिति में भारत चाहेगा कि फिर दक्षिण अफ्रीका अपने बाकी दोनों मैच हार जाए। साथ ही टीम इंडिया वेस्टइंडीज के साथ जिम्बाब्वे को हराए। फिर वेस्टइंडीज और भारत के चार-चार अंक होंगे और ये दोनों टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करेंगी। भारतीय टीम के लिए आगे का रास्ता कठिन है, पर नामुमकिन कुछ भी नहीं।