मोदी जी ने देश में सौ स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा की है, जहां स्मार्ट लोग, स्मार्ट नेतृत्व और स्मार्ट गवर्नेंस होगी। उन्हें यह जानकर प्रसन्नता होगी कि ऐसी स्मार्ट सिटी तो पहले से ही है। इस स्मार्ट सिटी की यातायात व्यवस्था एकदम चुस्त है। हर चौराहे पर चुइंगम की तरह प्लास्टिक चुभलाते जानवर आपका स्वागत करते हैं। ट्रैफिक पुलिस यातायात-व्यवस्था कम, आर्थिक व्यवस्था सुदृढ़ करने में व्यस्त रहती है। यहां आप कहीं भी गाड़ी खड़ी कर सकते हैं, आसपास का ट्रैफिक अपना रास्ता स्मार्ट तरीके से स्वयं खोज लेता है।
इस सिटी की सुरक्षा और सफाई का काम यहां के स्मार्ट कुत्ते बेहद ही स्मार्ट तरीके से करते हैं। आमतौर पर इनका निवास सिटी के बड़े अस्पताल और उसके आसपास के क्षेत्र होते हैं। कचरा प्रबंधन तो यहां इतने उम्दा किस्म का है कि आप सोच भी नहीं सकते। त्रुटिवश यदि आपकी कोई वस्तु कचरे में चली भी गई, तो चिंतित होने की आवश्यकता नहीं। दो-तीन दिन तक तो वह मोहल्ले के कूड़ेदान या उसके आसपास पड़ी जरूर मिल जाएगी।
मेरी सिटी की स्ट्रीट लाइट सूरज को मुंह चिढ़ाते हुए दिन में ही प्रकाश फैलाए आपका स्वागत करती है। सिटी के कुछ चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। ये कहां-कहां लगे हैं, इनका पता तब चलता है, जब कोई दुर्घटना घट जाती है और पुलिस विवेचना में बताया जाता है कि कैमरे तो लगे थे, किंतु घटना के समय बंद थे। बहरहाल, इस बारे में सिटी के स्मार्ट चोरों और उठाईगिरों को पूरी जानकारी रहती है। मेरी सिटी शत-प्रतिशत वाई-फाई भी है। सिटी के किसी भी कोने पर खड़े पासवर्ड हैकर नेट चला सकता है।
मेरी सिटी के नेता भी बड़े स्मार्ट हैं। ये भाईगीरी, दबंगई, भजन संध्या, सामूहिक विवाह, धार्मिक संस्कार, चुनाव व्यवस्था और खेल प्राधिकरणों का प्रबंधन इतने स्मार्ट तरीके से करते हैं कि इनकी देश भर में मांग रहती है। है न मेरी सिटी स्मार्ट? आप मेरी स्मार्ट सिटी में कब पधार रहे हैं?