अनियमित उपवास में भोजन को कुछ खास समय तक सीमित रखना होता है-जैसे दोपहर बारह बजे से रात आठ बजे के बीच या हर दूसरे दिन। लेकिन ओएमएडी आहार में रोजाना खाने के समय को एक घंटे में सीमित कर दिया जाता है, ताकि आपको दिन भर की सारी कैलोरी एक ही बार में मिल जाए। अनियमित उपवास से होने वाले स्वास्थ्य लाभ पर कम शोध हुआ है और ओएमएडी पर तो और भी कम। लेकिन मोटापा विशेषज्ञ डॉ. कैरोलीन अपोवियन के मुताबिक, ‘दिन में एक बार भोजन करना ठीक नहीं है।
अनियमित उपवास और मोटापा
वह सामान्य रूप से अनियमित उपवास की समर्थक हैं और मोटापा ग्रस्त अपने रोगियों को इसकी सलाह देती हैं। अनियमित उपवास भोजन को नियंत्रित करने का अपेक्षाकृत एक सरल तरीका है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोगों के लिए ओएमएडी एक आपदा होगी। उन्होंने कहा कि अगर मैं अपने मरीजों से कहूं कि वे दिन में एक बार खाना खाएं, तो वे पूरे दिन भूखे रहेंगे। फिर रात को ज्यादा खा लेंगे। एक ही बार में अपनी सभी दैनिक कैलोरी प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासकर यदि आप सक्रिय हैं।
डॉ. अपोवियन की सलाह
डॉ. अपोवियन की सलाह है कि सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच के समय में ही भोजन करने की कोशिश करें। वह प्रोटीन युक्त नाश्ता और भरपूर प्रोटीन, फल, सब्जियां और साबुत अनाज वाला भोजन करने का सुझाव देती हैं। कुछ सीमित शोध बताते हैं कि अनियमित (रुक-रुक कर) उपवास लोगों को वजन घटाने में मदद कर सकता है।
क्या कहता है शोध
अन्य शोध से पता चलता है कि जब लोग अपने खाने को दिन के कुछ खास घंटों तक सीमित रखते हैं, तो वे कुल मिलाकर कम कैलोरी खाते हैं। कैलोरी में यह कमी वजन घटाने के लिए जिम्मेदार हो सकती है। फिर भी डॉ. लिचेंस्टीन का कहना है कि इस बारे में विज्ञान स्पष्ट नहीं है, और हम जानते हैं कि हर किसी का शेड्यूल अलग होता है; अगर किसी को सुबह 7 से शाम 5 बजे के बीच खाने से वजन घटाने में सफलता मिलती है, तो यह बहुत अच्छी बात है। लेकिन कई लोगों के लिए यह कारगर नहीं होगा।