विशेषज्ञ अपराधों में नाबालिगों की संख्या बढ़ने के दो कारण बताते हैं। एक तो उनका कहना है कि कोविड से पहले और बाद में अपराध भी बढ़े और उनमें नाबालिगों की हिस्सेदारी भी बढ़ी।
दरअसल 2017 में न्यूयॉर्क सिटी में अपराध के आंकड़े जब न्यूनतम स्तर पर आ गए थे, तब 16-17 साल के अपराधियों के मुकदमे बालिग अदालतों में भेजे जाने के बजाय परिवार अदालतों और उन जजों के पास भेजे जाने लगे, जो अपराधियों को सामाजिक सेवा और विशेष प्रशिक्षण के क्षेत्रों में भेजते थे। इससे नाबालिग अपराधियों में दंड का भय कम हो गया। न्यूयॉर्क सिटी में नाबालिगों की अपराधों में बढ़ती लिप्तता दरअसल राष्ट्रीय समस्या है। एफबीआई की यूनिफॉर्म क्राइम रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2023 में अमेरिका में जहां हत्या और हिंसक अपराधों के आंकड़ों में कमी आई, वहीं ऐसे मामलों में नाबालिगों की लिप्तता के मामले बढ़े।
वर्ष 2017 की तुलना में मारपीट में नाबालिगों की लिप्तता का आंकड़ा 28 फीसदी और लूटपाट में 52 प्रतिशत बढ़ा है। अपराधों में बालिगों के शामिल होने का आंकड़ा भी बढ़ा है।
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि हथियारों के मामले में ढीला कानून, सोशल मीडिया का प्रसार और कम उम्र के बच्चों में निराशा तथा हिंसक प्रवृत्ति के बढ़ने के कारण अपराधों में नाबालिगों की लिप्तता बढ़ रही है। शहरी और कस्बाई इलाकों में विकास कार्यक्रमों की उपेक्षा तथा किशोरों में अकेलेपन की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण भी हिंसा को बढ़ावा मिल रहा है। अच्छी बात यह है कि बढ़ती हिंसा के बावजूद न्यूयॉर्क में नाबालिगों को बालिगों की तरह सजा देने के बजाय न्यूयॉर्क प्रशासन उन्हें शिक्षित करने और सामाजिक रूप से जोड़ने के कार्यक्रमों पर जोर देने के बारे में सोच रहा है।