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व्यवहार : सलाह देना किसे नहीं अच्छा लगता, लेकिन अपने प्रति पक्षपात से बचना मुश्किल

जान्सी डन, द न्यूयॉर्क टाइम्स Published by: शुभम कुमार Updated Sun, 17 Aug 2025 07:26 AM IST

सार

सलाह देना दुनिया का सबसे आसान काम है, लेकिन मनोविज्ञानी कहते हैं कि बिना मांगी सलाह देना कभी-कभी उल्टा भी पड़ सकता है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एजेंसी


क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और ‘रीइमेजिनिंग लव’ पॉडकास्ट की होस्ट एलेक्जेंड्रा सोलोमन कहती हैं कि सलाह देने से आप शक्तिशाली, मददगार और यहां तक कि उदार भी महसूस कर सकते हैं। लेकिन बिना मांगी सलाह देना उल्टा भी पड़ सकता है। शोध बताते हैं कि जब हम सलाह देते हैं, तो वह अक्सर हमारे अपने अनुभवों के प्रति पक्षपाती होती है। ड्यूक विश्वविद्यालय के फुक्वा स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रबंधन और संगठन के प्रोफेसर रिचर्ड लैरिक कहते हैं, ‘हम ऐसी जानकारियां साझा करते हैं, जो हमें उपयोगी लग सकती हैं, लेकिन हो सकता है कि वे दूसरे व्यक्ति के लिए उतनी प्रासंगिक न हों।’


इस बात के भी प्रमाण हैं कि अनचाही सलाह रिश्तों को नुकसान पहुंचा सकती है। कार्यस्थल पर ऐसी सलाह को स्वार्थी माना जा सकता है और उसे नजरअंदाज किए जाने की संभावना ज्यादा होती है। इसके विपरीत, अन्य शोध

बताते हैं कि जब लोग सलाह मांगते हैं, तो सलाह लेने वाले इसे ज्यादा मूल्यवान समझते हैं। इसलिए डॉ. सोलोमन कहती हैं कि सुझाव देने से पहले आपको यह पूछना चाहिए कि क्या आपको मेरी सलाह की जरूरत है?


माउंट सिनाई वेस्ट की मनोवैज्ञानिक शैनन ओ नील ने कहा, ‘अनुमति लेना बात आगे बढ़ाने का एक छोटा-सा संकेत है, पर सुनने वाले को इससे अच्छा महसूस हो सकता है।’ डॉ. सोलोमन मानती हैं कि कभी-कभी वह भूल जाती हैं। पिछले हफ्ते, उनके बेटे ने एक वॉइस मेल संदेश भेजा। उन्होंने तुरंत कहा कि उसे इसको पुनः रिकॉर्ड करना चाहिए तथा उन्होंने कुछ कारण भी बताए। फिर उन्हें लगा कि वह ऐसा क्यों करती हैं, क्योंकि बेटा तो अब बड़ा हो गया है।


तब उन्होंने तुरंत माफी मांग ली। डॉ. लैरिक ने कहा कि बिना मांगे सलाह देने से बचने का एक तरीका यह है कि दूसरे व्यक्ति को क्या करना चाहिए, यह बताने के बजाय, इस बारे में विचार करना चाहिए कि वह क्या कर सकता है। इसलिए अब मैं अपनी बहनों से पूछती हूं कि क्या वे मेरी सलाह चाहती हैं। पहले तो उन्होंने शक की निगाह से देखा, क्योंकि उन्हें मेरी राय सुनने की आदत हो गई थी। अब कभी-कभी उनका जवाब खुशी से ‘नहीं’ होता है।
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