जिंदगी तो चलती रहती है। पर संसद नहीं चल रही। इससे यह साबित करना खतरनाक हो सकता है कि संसद के बिना भी जिंदगी चलती रहती है। कोई फर्क नहीं पड़ता। कहते हैं कि ‘द शो मस्ट गो ऑन’। शो तो चल रहा है। इस पर झगड़ा भी है कि सरकारी पक्ष विपक्ष को टीवी पर नहीं दिखा रहा। उसे दिखाना चाहिए कि संसद नहीं चल रही। संसद नहीं चलने पर टीवी के शो भी चल रहे हैं। पर संसद नहीं चल रही। टीवी पर बहसें हो रही हैं कि संसद क्यों नहीं चल रही। पर संसद चल नहीं रही। देश तो वैसे भी चल रहा है। सरकार भी चल रही है। पर संसद नहीं चल रही। यह कहना खतरनाक हो सकता है कि संसद न चले, तो कोई बात नहीं, देश उसके बिना भी चलता रह सकता है। क्योंकि देश को चलाने के लिए ही संसद बनाई गई है, पर वह चल नहीं रही।
सरकार नहीं बता सकती कि संसद कब चलेगी। सरकार यह भी नहीं कह रही कि जब विपक्ष चाहेगा, तब संसद चलेगी। इससे सरकार को विपक्ष पर निर्भर रहने का खतरा होने लगता है। इसलिए वह नहीं बता सकती कि संसद कब चलेगी। विपक्ष भी नहीं बता सकता कि संसद कब चलेगी। हां, वह यह जरूर कह रहा है कि जब सरकार चाहेगी, तब संसद चलने लगेगी। सरकार भी कहती है कि हम तो चाहते हैं कि संसद चले। पर संसद चल नहीं रही। विपक्ष भी चाहता है कि संसद चले, पर संसद चल नहीं रही।
सरकार कहती है कि हम बहस कराने के लिए तैयार हैं, पर इसके लिए जरूरी है कि संसद चले। विपक्ष कह रहा है कि संसद तभी चलेगी, जब विदेश मंत्री तथा राजस्थान व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री इस्तीफा दे देंगे। सरकार ने कह दिया कि यह कोई यूपीए सरकार नहीं है कि घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोप लगे नहीं कि मंत्री धड़ाधड़ इस्तीफे देने लगें। न इस्तीफे हो रहे हैं, न संसद चल रही है। वैसे सरकार को भी चिंता है कि संसद नहीं चल रही। विपक्ष को भी चिंता है कि संसद नहीं चल रही। पर इन सारी चिंताओं के बावजूद संसद नहीं चल रही।