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वैश्विक संघर्षों का दूसरा पहलू: युद्ध के धुएं में छिप रहा पर्यावरण का विनाश

अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: Devesh Tripathi Updated Sat, 14 Mar 2026 05:57 AM IST

सार

इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी को हल्के में नहीं लिया जा सकता कि तेल रिफाइनरियों पर हुए हमलों के गंभीर पर्यावरणीय परिणाम होंगे और लोगों के हवा, पानी और भोजन पर भी इसका असर पड़ेगा। शोध का यह बताना गंभीर है कि बमबारी से पैदा हुए जहरीले प्रदूषक वर्षों तक पर्यावरण में बने रह सकते हैं और आसपास के समुदायों में फैल भी सकते हैं।
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पश्चिम एशिया में संघर्ष - फोटो : ANI
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