लेकिन बृहस्पतिवार की रात तक, दोनों का करीबी रिश्ता असहमति से कटु आलोचना में बदल गया। मस्क का मिजाज नाराजगी से बढ़कर बगावत में बदल गया। उन्होंने दावा किया कि उनके बिना ट्रंप हार जाते। उन्होंने कहा कि दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन मामले से जुड़ी फाइलें कभी सार्वजनिक नहीं की गईं, क्योंकि उनमें ट्रंप का नाम था और उन्होंने ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की मांग की। ट्रंप ने न सिर्फ निराशा जताई, बल्कि संघीय निधि में कटौती की धमकी से लेकर यहां तक कहा कि एलन ने 'अपना दिमाग खो दिया है।' देर रात तक, वार्ताकार दोनों से सुलह करने का आग्रह कर रहे थे।
अमेरिकी थ्रिलर सीरीज हाउस ऑफ कार्ड्स में फ्रैंक अंडरवुड कहते हैं, 'सत्ता रियल एस्टेट है, जहां लोकेशन ही सब कुछ है। स्रोत के जितना करीब, मूल्य उतना ऊंचा।' आठ नवंबर को टेस्ला के शेयर का मूल्यांकन 10 खरब डॉलर के आंकड़े को छू गया था, क्योंकि मस्क को ट्रंप की सत्ता में वापसी का लाभार्थी माना जा रहा था। जब उन्होंने ट्रंप से दूरी बना ली, टेस्ला के शेयर में 14 प्रतिशत से अधिक और बाजार मूल्य में 150 अरब डॉलर से अधिक की गिरावट आई। जनवरी और जून के बीच, स्टॉक 426 डॉलर से गिरकर 284 डॉलर पर आ गया।
इतिहास गवाह है : सत्ता धन पर भारी पड़ती है। 1934 में प्रतिष्ठित अमेरिकियों के एक समूह ने अमेरिकन लिबर्टी लीग की स्थापना की। उनका उद्देश्य था : राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट द्वारा प्रस्तुत न्यू डील का विरोध करना। लीग ने न्यू डील को समाजवादी और फासीवादी, दोनों ही रूप में निरूपित किया। 1936 में अपने पुनर्निर्वाचन अभियान में रूजवेल्ट ने लीग पर ध्यान केंद्रित किया और उन्हें ‘आर्थिक राजतंत्रवादी’ कहा। उन्होंने धन शक्ति के ‘वॉल स्ट्रीट तख्तापलट’ को हराया और फिर से चुने गए। रूजवेल्ट अकेले ऐसे अमेरिकी राष्ट्रपति नहीं थे, जिन्हें मित्र से शत्रु बने लोगों का सामना करना पड़ा। टेड रूजवेल्ट का जॉन रॉकफेलर से स्टैंडर्ड ऑयल के विघटन को लेकर मतभेद हो गया था। हेनरी फोर्ड और वुडरो विल्सन ने प्रथम विश्वयुद्ध में अमेरिकी तटस्थता से अलग होने से पहले वेतन नीतियों पर सहयोग किया था। विलियम रैंडोल्फ हर्स्ट, जिन्होंने ‘अमेरिका फर्स्ट’ को लोकप्रिय बनाया, लगातार राष्ट्रपतियों के साथ लड़े। रॉस पेरोट ने रोनाल्ड रीगन की नीतियों का विरोध किया, नॉर्थ अमेरिकन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एनएएफटीए) ने जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश और सरकारी खर्च को लेकर बिल क्लिंटन की आलोचना की।
इन विवादों के बावजूद शासन-प्रशासन ट्रेजरी सचिव के रूप में व्यवसायियों को चुनते रहे। जैसा कि कहा जाता है, ट्रंप-मस्क के रिश्ते का टूटना नियति में लिखा था। दोनों अलग-अलग समय क्षेत्रों में अलग-अलग दुनिया से हैं, और खुद के प्रति बहुत ज्यादा महत्वाकांक्षी हैं। यकीनन, यह एक ऐसी साझेदारी थी, जो लंबे समय तक चलने वाली नहीं थी। ईरान-इराक युद्ध के दौरान हेनरी किसिंजर ने कहा था, 'यह अफसोस की बात है कि दोनों पक्ष हार नहीं सकते।' जैसे-जैसे विवाद बढ़ता गया, व्लादिमीर पुतिन द्वारा दोनों के बीच युद्ध विराम के लिए बातचीत की पेशकश के मीम्स सामने आने लगे।
मस्क शुरू से ट्रंप समर्थक नहीं थे। याद रखें कि वाशिंगटन के गलियारों में मस्क का पहला कदम ओबामा युग में पड़ा था, जब 2009 में अमेरिकी रिकवरी और पुनर्निवेश अधिनियम लागू किया गया था। मस्क ने कैलिफोर्निया में अपना संयंत्र स्थापित करने के लिए 46.5 करोड़ डॉलर के संघीय ऋण का इस्तेमाल किया और स्पेसएक्स ने तब ध्यान आकर्षित किया, जब ओबामा ने फ्लोरिडा में उसके दफ्तर का दौरा किया। दरअसल, मस्क 2016 में भी ट्रंप के समर्थक नहीं थे; वह ट्रंप मीडिया ग्रुप को खत्म करने के प्रयास के बाद 2024 में ही जुड़ पाए। मस्क ने ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को 29 करोड़ डॉलर से अधिक का दान दिया और अपने मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग ट्रंप के अभियान को समर्थन देने के लिए किया।
सच कहें, तो मस्क कभी अपनी बात या राय नहीं छिपाते हैं। टैरिफ ट्रंपोनॉमिक्स का मुख्य आधार है और मस्क कभी भी उच्च टैरिफ से सहमत नहीं थे। सरकारी दक्षता विभाग का नेतृत्व करने और सीनेटरों को वित्त पोषित करने के बाद, मस्क का मानना था कि ऋण और घाटे, तथा ‘बिग, ब्यूटीफुल बिल’ पर उनकी राय ली जानी चाहिए। जब उनकी बात नहीं सुनी गई और उन्हें बाहर कर दिया गया, तो मस्क ने बिल को 'घृणित' कहना शुरू कर दिया और इसे खत्म करने के लिए अभियान चलाया। एक बाहरी व्यक्ति जो ट्रंप खेमे में अपनी जगह बना पाया, आज वास्तव में फिर से बाहर है।
राजनीतिज्ञ-व्यवसायी गठजोड़ और उसके परिणाम की गाथा न तो नई है और न ही जल्दी समाप्त होने वाली है। ट्रंप बनाम मस्क की लड़ाई किस तरह आगे बढ़ेगी, कुछ कहा नहीं जा सकता। ट्रंप ने कहा कि वे लड़ाई के बारे में नहीं सोच रहे हैं और बातचीत करने के मूड में नहीं हैं। इस बीच, एपस्टीन के आरोप और ट्रंप के खिलाफ महाभियोग संबंधी पोस्ट पर मस्क के ट्वीट को उनकी टाइमलाइन से हटा दिया गया। यह प्रकरण तकनीक जगत और अन्य क्षेत्र के दिग्गजों के लिए एक उपयोगी सबक है। जैसा कि माइकल डॉब्स ने हाउस ऑफ कार्ड्स में कहा है, 'राजनीति बलिदान मांगती है—यकीनन, दूसरों का।