फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

टाइम मशीन: हेज फंड, चमत्कार और एडीसन

अंशुमान तिवारी
Updated Sun, 05 Jan 2025 06:44 AM IST

सार

जोंस के हेज फंड ने 20 साल में 5,000 फीसदी का रिटर्न दिया। 34 साल में केवल तीन साल ऐसे थे, जब निवेशकों को नुकसान हुआ। लेकिन, जोंस ने खुद को हेज फंड से अलग कर लिया। 1989 में उनकी मौत हुई। लेकिन उनका फंड आज भी सक्रिय है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शेयर बाजार - फोटो : pexel


आइए, विराजिए टाइम मशीन में, हम आपको मिलवाएंगे, एक ऐसे व्यक्ति से, जो विदेश सेवा का कर्मचारी था, जासूस भी रहा, समाजशास्त्री, लेखक और पत्रकार भी, शोधकर्ता भी और कुछ वक्त तक कम्युनिस्ट कार्यकर्ता भी। यह ऐसा शख्स था, जो मशहूर अमेरिकी लेखक, कवि व सिनेमा पटकथा लेखक डोरोथी पार्कर के साथ स्पेन में टहलता था, जिसने अर्नेस्ट हेमिंग्वे के साथ भी लंबी बैठकी लगाई थी। इस व्यक्ति ने ईजाद की शेयर बाजार में निवेश की यह अनोखी कला, जिसे हेज फंड कहते हैं। इसका नाम है अल्फ्रेड विंस्लो जोंस।


हमारी टाइम मशीन आ गई है, अमेरिका के न्यूयॉर्क राज्य के अनोखे शहर स्कनेक्टडी में। यह 1900 का साल है। यह शहर अगली एक सदी में अमेरिका और पूरी दुनिया को नई तकनीकों की दिशा दिखाने की तैयारी कर रहा है। हम यहां मिलने वाले हैं मशहूर थॉमस अल्वा एडीसन से। हालांकि वह हमारे आज के सफर का मकसद नहीं, मगर जिन विंस्लो जोंस की तलाश में यहां पहुंचे हैं, उनका रिश्ता आविष्कारक एडीसन की कंपनी से है।


अब हम जनरल इलेक्ट्रिक के सामने खड़े हैं, मगर यह कंपनी एडीसन मशीन वर्क्स है, जिसे थॉमस अल्वा एडीसन ने 1887 में यहां स्थापित किया था। यही कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक है। स्कनेक्टडी जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी का मुख्यालय है। अमेरिका के लोग इसे बल्ब और रोशनी का शहर कहते हैं। टाइम मशीन हेज फंड के चमत्कारी अन्वेषक अल्फ्रेड विंस्लो जोंस की तलाश में आगे बढ़ती है। यह बीसवीं सदी की शुरुआत है। अल्फ्रेड विंस्लो जोंस के पिता ऑस्ट्रेलिया में जनरल इलेक्ट्रिक की मुलाजमत छोड़ परिवार सहित स्कनेक्टडी आ गए हैं। जोंस ने हार्वर्ड से ग्रेजुएशन किया है और एक स्टीमर पर टिकट काट रहे हैं।


टाइम मशीन बर्लिन आ गई है। हिटलर का खौफ जारी है। विंस्लो जोंस एक इन्वेस्टमेंट फर्म में आंकड़े संभालने का काम करने के बाद फिर अमेरिकी विदेश सेवा में शामिल हो गए और अब बर्लिन में हैं। जोंस ने अपना नाम बदल लिया है। वह अमेरिका के जासूस हैं, जो हिटलर की कारगुजारियों की रिपोर्ट वाशिंगटन को भेजते हैं। आप एक यहूदी कम्युनिस्ट सोशलाइट एन्ना ब्लॉक से विंस्लो जोंस की दोस्ती देख रहे हैं। अरे यह क्या! अमेरिकी जासूस जोंस मार्क्सवादी स्कूल में पढ़ने लगे हैं और एक लेनिनवादी संगठन के लिए जासूसी कर रहे हैं। जोंस ने अमेरिकी विदेश सेवा छोड़ दी है। टाइम मशीन जोंस के साथ अमेरिका लौट रही है। विंस्लो जोंस कोलंबिया यूनिवर्सिटी से समाजशास्त्र में पीएचडी करने में जुट गए हैं। टाइम मशीन फिर यूरोप की तरफ निकल पड़ी है। 1936 का दौर है। स्पेन गृहयुद्ध से जूझ रहा है। अब टाइम मशीन उस तरफ बढ़ रही है, जहां विंस्लो जोंस दुनिया के शेयर बाजारों की सूरत और सीरत बदलने की तैयारी कर रहे हैं। यह 1949 है। फॉर्च्यून पत्रिका में छपा उनका फैशन इन फोरकास्टिंग लेख नई सनसनी बन गया है। यह लेख शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावनाओं के आकलन के तौर-तरीकों पर केंद्रित है और इस लेख पर शोध के दौरान जोंस को अपना यूरेका मिल गया है यानी हेज फंड बनाने का चमत्कारिक फॉर्मूला।


इस शोध से पहले तक शेयर बाजार में माना जाता था कि शेयर बाजार का रुख उस वक्त की सभी घटनाओं को समेटकर ही तय होता है। यह ट्रेंड इन्वेस्टिंग और इस वक्त बीसवीं सदी के मध्य तक शेयर बाजारों में इसी तरह निवेश होता रहा है। ट्रेंड इन्वेस्टिंग का मतलब है कि कोई शेयर बाजार की बढ़त की तुलना में कम ग्रोथ दिखा रहा है, तो उसे खरीदकर मुनाफा कमाया जा सकता है। जोंस मार्केट न्यूट्रल पोर्टफोलियो स्ट्रैटजी लेकर आए हैं। जोंस ने बताया कि बाजार में निवेश करने के लिए दो तर्ज के जोखिम हैं, जिन्हें अलग-अलग रखा जाना चाहिए। पहला बाजार के उतार-चढ़ाव का जोखिम और दूसरा कंपनी के उतार-चढ़ाव का जोखिम। हेज फंड दोनों पर अलग-अलग निवेश करते हैं।


फॉर्च्यून पत्रिका में लेख छपने से पहले जोंस ने हेज फंड की तैयारी कर ली है। इस फंड का नाम है ए डब्ल्यू जोंस। जोंस ने 40,000 डॉलर की अपनी बचत का इस्तेमाल किया है। 60,000 डॉलर लगाए उनके दोस्तों ने। शुरुआती निवेश करने वालों में कम्युनिस्ट लुइस फिशर भी हैं, जो ब्लादिमीर लेनिन की जीवनी लिखकर चर्चा में आए हैं।
विज्ञापन


जोंस उन शेयरों को खरीद रहे हैं, जिनमें बढ़त की संभावना है। वह उन शेयरों में शॉर्ट सेल भी करते हैं, जिनमें गिरावट होने के आसार थे, यानी दोनों तरफ से कमाई। जोंस की रणनीति बाजार में स्टॉक केंद्रित है, बाजार के रुख पर दांव नहीं लगाया जाता। यह मार्केट न्यूट्रल रणनीति है, जिसमें जोखिम से पर्याप्त सुरक्षा मिलती है। बाजार की भाषा यही है हेजिंग और यही करते हैं हेज फंड। पत्रकार सेबेस्टियन मलाबी ने अपनी प्रसिद्ध किताब मोर मनी देन गॉड: हेज फंड्स ऐंड दि मेकिंग ऑफ ए न्यू लाइफ में जोंस का किस्सा बयां किया। जोंस ने हेज फंड की फीस का नया तरीका ईजाद किया है, जिसमें फंड मैनेजर को वेतन की जगह मुनाफे का 20 फीसदी हिस्सा मिलता था और दो फीसदी की परफॉर्मेंस फीस। जोंस ने यह तरीका जहाजों के पुराने कारोबार से सीखा है। जोंस का हेज फंड धुआंधार कामयाब हुआ है। 21वीं सदी में पहुंचते हुए आपको पता चलेगा कि जोंस के हेज फंड ने 20 साल में 5,000 फीसदी का रिटर्न दिया। 34 साल में केवल तीन साल ऐसे थे, जब निवेशकों को नुकसान हुआ।


1970 के बाद ए डब्ल्यू जोंस ने खुद को अपने हेज फंड से अलग कर लिया। पर वह गरीब देशों के गरीबों को मदद पहुंचाने में लग गए। 1989 में उनकी मौत हुई। उनका फंड ए डब्ल्यू जोंस आज भी सक्रिय है। टाइम मशीन अब लंदन में उतर रही है, जहां बैंक ऑफ इंग्लैंड के मुखिया हेज फंड पर बरस रहे हैं। उनका डर सही है कि 2023 में करीब पांच लाख करोड़ डॉलर की संपत्ति संभाले हेज फंड ही बाजारों की सबसे बड़ी ताकत हैं।

फिर मिलते हैं अलगे सफर पर...

विज्ञापन
विज्ञापन
Next