एआई का वास्तविक लक्ष्य उपकरणों को इस ढंग से तैयार करना है कि वे बिल्कुल हमारी तरह तर्क व कार्य करने के अलावा सीख भी सकें। -एस्ट्रो टेलर
मेरा मानना है कि वह जो सुंदरता देखता है, मेरे लिए भी वह उतना ही सुंदर है, जितना बाकी सभी लोगों के लिए। हालांकि मैं सौंदर्य की दृष्टि से उतना परिष्कृत नहीं हूं, जितना मेरा मित्र है, लेकिन मैं फूल की सुंदरता की सराहना करने के साथ ही फूल के बारे में उससे ज्यादा देख सकता हूं। मैं फूल की कोशिकाओं की कल्पना कर सकता हूं, उनकी जटिल क्रियाओं में भी एक तरह का सौंदर्य है। मेरा मतलब है कि फूल की सुंदरता बस ऊपर एक सेंटीमीटर के आयाम में ही सीमित नहीं है, बल्कि उसकी आंतरिक संरचना में भी सौंदर्य है।
फूल बनने की प्रकियाओं में एक तथ्य यह भी है कि फूल में जो रंग हैं, वे कीटों को परागण के लिए आकर्षित करने के लिए विकसित हुए हैं। कीट के लिए फूल में मौजूद सौंदर्य को देखने का तरीका अलग है, लेकिन आम भाषा में कहें, तो उस कीट के लिए भी फूल सुंदर ही है।
एआई की सफलता की चाबी सिर्फ सही डाटा में नहीं, बल्कि सही सवाल पूछने में भी है। -गिन्नी रॉमेटी
मेरा कहना है कि दूसरों के मुताबिक, चीजों को देखने का अपना नजरिया न बदलें। यह कोई नियम नहीं है कि मैं वैसा बनूं, जैसा वे मुझसे उम्मीद करते हैं। यह उनकी गलती है, मेरी नहीं। मैं अपने मित्र से कहता हूं कि कोई भी नहीं समझ पाता कि जीवन क्या है, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हम बस दुनिया का अन्वेषण करते रहें। यदि आप गहराई से जीवन में उतरते हैं, तो हर चीज वाकई दिलचस्प हो जाती है। यह प्रकृति की सच्ची समझ की शुरुआत है और आधुनिक विज्ञान की कुंजी भी। प्रकृति की घटनाओं के बीच एक लय और पैटर्न होता है, जो आंखों से दिखाई नहीं देता, बल्कि केवल विश्लेषण की आंखों को दिखाई देता है और यह लय और पैटर्न ही हैं, जिन्हें हम भौतिक नियम कहते हैं। चीजों को देखें, उन्हें नजर अंदाज न करें, बल्कि विवरण दर्ज करें और आशा करें कि इस प्रकार प्राप्त जानकारी में किसी संभावित सैद्धांतिक व्याख्या का सुराग हो सकता है।