अरुणाचल प्रदेश की खोंसा पश्चिम विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक टिरोंग अबो की हत्या राजनीतिक हत्या भी हो सकती है और राज्य में उग्रवाद के फिर से सिर उठाने का संकेत भी। 41 वर्षीय अबो खोंसा पश्चिम विधानसभा सीट से दोबारा चुनाव लड़ रहे थे, जिसके नतीजे आज आने वाले हैं। यह घटना उस समय हुई, जब संदिग्ध विद्रोहियों ने अबो के वाहन पर गोलीबारी की, जो परिवार के सदस्यों, तीन पुलिसकर्मियों और एक मतदान एजेंट के साथ असम से अपने निर्वाचन क्षेत्र में जा रहे थे।
हालांकि जिस स्थान पर हमला हुआ, वह इस समय सशस्त्र बलों के संरक्षण में है और वहां अफ्स्पा लागू है। लेकिन हमले के समय सशस्त्र बल वहां नहीं थे। पुलिस ने पहले ही दावा किया है कि यह हमला अरुणाचल प्रदेश के बोगापानी गांव के पास सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे हुआ था, जिसमें नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड (एनएससीएन) के उग्रवादियों के हाथ होने का संदेह है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि उसे इस हमले के पीछे एनएससीएन-आईएम के हाथ होने का संदेह है।