अंजू को दफ्तर के काम से फेसबुक खोलना पड़ता था। वहीं नसरुल्लाह से संपर्क हुआ। मित्रता हुई और वह उससे मिलने पाकिस्तान चली गई। हालांकि अंजू कहती है कि उसके मामले को सीमा की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। उसके पास यात्रा के वैध कागजात हैं, जबकि सीमा के पास वे नहीं थे। वह कह रही थी कि उसका शादी का कोई इरादा नहीं, जबकि उसके निकाहनामे और धर्म परिवर्तन की खबरें भी आ रही हैं। बताया जा रहा है कि जिस इलाके में अंजू है, उसे इतना खतरनाक माना जाता है कि वहां पाकिस्तानी पुलिस भी नहीं घुस पाती। जिन लोगों से कभी नहीं मिले, जिस देश को कभी देखा नहीं, वहां तक अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना ही सीमा और अंजू जिस तरह से चली गईं, वह भी ताज्जुब की बात लगती है।
ज्योति के परिवार वाले उसका समर्थन कर रहे हैं। बच्चे भी उसी के पास हैं, जबकि सीमा अपने बच्चों को साथ ले आई है और अंजू बच्चों को छोड़ गई है। विवाहेतर संबंध कोई नई बात नहीं है। लेकिन अक्सर ये पुरुषों के हिस्से आते थे। कहते थे कि बच्चों की चिंता में माता-पिता ऐसे कदम नहीं बढ़ाते। लेकिन अब पिता तो छोड़िए, माताएं भी बच्चों की परवाह नहीं करतीं। शहरों के मुकाबले गांवों से भी ऐसी खबरें खूब आती रहती हैं, जहां कई बच्चे होने के बावजूद महिलाएं प्यार की खातिर उन्हें छोड़कर चली जाती हैं। यह जो सच्चे प्यार की अवधारणा है, उसके वास्तव में मायने क्या हैं, यह समझ में नहीं आता। हर संबंध में ऐसी स्थितियां आती ही होंगी, जहां लगता हो कि कोई संबंध पुराना पड़ गया। लेकिन कोई भी संबंध इतनी अहमियत कभी नहीं खोता कि उसे पुनर्जीवित न किया जा सके।
इन तीनों संबंधों में पति, पत्नियों के लिए आंसू बहा रहे हैं। वे घर से चले जाने के बाद भी उनकी राह देख रहे हैं। अंजू और सीमा के पतियों को उम्मीद है कि वे वापस आ जाएंगी। कहानियों में अजीब-ओ-गरीब तरह के फिल्मी ट्विस्ट भी हैं। जैसे सीमा का यहां आने पर हिंदू धर्म अपना लेना और सचिन के लिए जीने-मरने की कसम खाना। उसी तरह अंजू जब गई थी, तो जींस-टी शर्ट पहने थी और पाकिस्तान में बुर्का पहने नजर आई। उसका पाकिस्तान के लोगों को बहुत अच्छा कहना, और जो इलाका बेहद खतरनाक है, उसे शांत बताना अजीब है। अंजू कह रही है कि वह जल्दी वापस आ जाएगी। उसके पति ने कहा कि अंजू के लौटने पर वह उसके खिलाफ एफआईआर भी कराएगा। जबकि सीमा के पति के अनुसार, उसने सीमा के लिए अपनी पहली पत्नी को छोड़ दिया। लेकिन सीमा पाकिस्तान जाना नहीं चाहती। वह कहती है कि वापस लौटने पर उसे मार दिया जाएगा। सचिन के गांव वाले उसे अपनी बहू पुकार रहे हैं। सुना है कि अंजू को भी नसरुल्लाह के गांव वाले ऐसा ही कह रहे हैं। उधर ज्योति के मामले में भी जिस मनीष दुबे से उसका संबंध बताया जा रहा है, वह शादीशुदा है।
यह भी लग रहा है कि अगर अंजू और सीमा के मामले में पाकिस्तान न होता, तो शायद इन मामलों की चर्चा इतनी न होती। ज्योति यदि उच्च पद पर न होती और उसका पति सफाईकर्मी न होता, तो यह मामला भी रफा-दफा हो जाता। अगर ये प्रेम संबंध विवाहेतर न होते, इनमें बच्चे शामिल न होते, तो भी शायद इन्हें चर्चा के लायक न समझा जाता। तीनों के पति परेशान हैं। रो-रोकर वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। भविष्य में क्या होगा, कौन जानता है!