सितंबर के महीने में मैं चार देशों में रहा। महीने की शुरुआत मैंने अपनी मातृभूमि भारत से की, जो कभी खुद के बारे में सोचता था कि उसने महात्मा गांधी के नेतृत्व में अहिंसा के जरिये स्वतंत्रता हासिल कर अन्य पूर्व उपनिवेशों को रास्ता दिखाया था। आज उसके नेता इतिहास का स्मरण अतीत में कुछ और पीछे जाकर कर रहे हैं। कुछ पृथ्वीराज चौहान और शिवाजी द्वारा किए गए मुस्लिम शासकों के प्रतिकार को याद कर रहे हैं, तो कुछ को गुप्त वंश और अन्य लोगों की महानता याद आ रही है।
जो लोग आज भारत में शासन कर रहे हैं, उनके वैचारिक गुरु दिवंगत एम एस गोलवलकर थे, जो कि पूरे पैंतीस वर्षों तक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख रहे। पूर्व सरसंघचालक की जिन हठधर्मिताओं के कारण उनके अनुयायियों ने उन्हें दिल से अपनाया, उनमें उनकी यह मान्यता शामिल है कि अपने गौरवशाली इतिहास के कारण हिंदू ही भविष्य में दुनिया पर राज करेंगे। गोलवलकर ने दावा किया था कि 'विश्व को एकजुट करने का अकेले हिंदुओं का विचार ही मानवीय भाईचारे के लिए स्थायी आधार बन सकता है।' विश्व नेतृत्व, उन्होंने आगे दावा किया कि, 'एक दैवीय विश्वास है, हम कह सकते हैं कि नियति ने हिंदुओं को इसकी जिम्मेदारी दी है।'
भारत से मैं इंग्लैंड गया, जिसके राजनेता इसी तरह से निरंतर अपने देश की अतीत की उपलब्धियों का आह्वान कर रहे हैं। मसलन, ब्रिटेन संसदों की मातृभूमि है, ब्रिटेन औद्योगिक क्रांति में अग्रणी था, ब्रिटेन शेक्सपीयर और डार्विन की जन्मस्थली है, ब्रिटेन अकेला ऐसा देश था, जिसने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान नाजियों का विरोध किया था- इस देश की आत्मछवि ऐसी है कि इसने अतीत में दुनिया को महान चीज सिखाई थी; और अब भी यह दुनिया को कुछ चीजें सिखा सकता है।
सितंबर के अंत में मैं अमेरिका में था, जिसके मौजूदा राष्ट्रपति ने 2016 में अमेरिका को फिर से महान देश (टू मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) बनाने के वादे के साथ चुनाव जीता था। बड़ी संख्या में अमेरिकी इस विश्वास का निरंतर समर्थन करते हैं कि यह एक महान इतिहास वाला देश है। रूमानी अमेरिकियों के लिए उनका देश उस समय की तुलना में कभी महान नहीं रहा, जब उसके संस्थापकों ने ब्रिटिश साम्राज्यवाद से देश को स्वतंत्र किया और लोकतंत्र के पथप्रदर्शक रास्ते का अनुसरण किया। प्रगतिशील अमेरिकियों के लिए उनका देश विशेष रूप से फ्रैंकलीन डेलानो रूजवेल्ट और उनकी 'न्यू डील'(आर्थिक और सामाजिक सुधार से संबंधित कार्यक्रम) के समय महान था। संकीर्णतावादी अमेरिकियों के लिए उनका देश उस समय शीर्ष पर था, जब रोनाल्ड रीगन ने सोवियतों को घुटने टेकने को मजबूर कर दिया और शीत युद्ध में विजय हासिल की थी। वैचारिक मतभेदों के बावजूद ये सभी अमेरिकी विश्वास करते हैं कि उनका देश हमेशा मानवता की आखिरी और सर्वश्रेष्ठ उम्मीद है और बना रहेगा।