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बेटे का बाप होने की बेबसी

Mon, 01 Sep 2014 08:31 PM IST
विष्णु शर्मा
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तुझे सब है पता मेरी मां...। जैसे ही यह गाना कार में सफर करते रेल मंत्री ने एफएम पर सुना, उनके भेजे में आइडिया का लट्टू जल गया। आनन फानन में यू टर्न लेकर कार लगा दी अपनी कोठी के प्लेटफॉर्म पर और भड़क गए अपनी बीवी पर, मैं तो हर वक्त मोदी जी का ड्रीम पूरा करने में मशरूफ रहता हूं, तुम्हें तो पहले से जरूर पता होगा।
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दूसरे वरिष्ठ मंत्री भी 'गृह मंत्रालय' पर ऐसे ही गरम हो रहे थे। बीच-बीच में दोनों मंत्री आपस में गपिया भी रहे थे, वह प्रधानमंत्री ने लाल किले से बेटों के बारे में जो कहा था, वह हमारे बेटों के बारे में ही कहा होगा।

लाल किले से मोदी जी के बयान के बाद माहौल नारी जागृतिमय हो गया है। बाप अपने बेटों की हरकतों पर नजर रखने के लिए डिटेक्टिव एजेंसी हायर करने की सोच रहे हैं। इसीलिए चुनाव से पहले गडकरी जी ने अपने बेटे की बुकिंग करवा दी, तो अमित शाह ने चुनाव के बाद अपना बेटा सगाई से बुक कर दिया, कहीं बाद में किसी लफड़े में न पड़ें। कोशिश तो यही रेल मंत्री ने भी की थी, पर उन्हें क्या पता था कि बेटा एडवांस बुकिंग कर चुका है। वैसे भी ये बेटे किसी काम के नहीं होते, चाहे चिदंबरम, येदियुरप्पा और सोनिया गांधी के हों या एनडी तिवारी जी के। भाजपा के दौर में कुछ नेताओं को अपने बेटों के बारे में उम्मीद बनी ही थी कि मोदी जी ने उन पर पानी फेर दिया।
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बेचारे बिहार के मुख्यमंत्री मांझी का बेटा गर्लफ्रेंड के साथ क्या पकड़ा गया, मांझी लगातार यह कहकर उसकी नैया को मंझधार में डूबने से बचाने में लगे हैं कि गर्लफ्रेंड कोई बुरी चीज नहीं होती। वैसे भी पिता क्या-क्या नहीं करते बेटों के लिए। नेताजी ने कुर्सी छोड़ दी, पासवान ने मोदी जी से हाथ मिला लिया, कल्याण सिंह भाजपा में लौट आए, यशवंत सिन्हा ने अपनी सीट छोड़ दी, चौदह फिल्में फ्लॉप देने के बावजूद बड़े बच्चन बेटे की जमकर तारीफ करते रहे। लेकिन जो पिता नहीं बन पाए, वे भला क्या जानेंगे बेटा होने का दुख।
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