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सीधी चेतावनी: पहलगाम पर पीएम सख्त, अब सरकार हमले के पीछे की खुफिया विफलताओं और सुरक्षा चूकों की गहन जांच करे

अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति भास्कर Updated Fri, 25 Apr 2025 06:04 AM IST

सार

प्रधानमंत्री मोदी ने यह कहकर कि आतंकियों को उनकी कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी, जनता के आक्रोश को तो स्वर दिया ही है, उन ताकतों को भी सीधी चेतावनी दी है, जो भारत को अस्थिर करना चाहती हैं-चाहे वे सीमा पार बैठी हों, या देश के भीतर छिपी हों।
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पीएम मोदी ने बिहार से पूरी दुनिया के आतंकियों को कड़ा संदेश दिया - फोटो : एजेंसी


पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों की धार्मिक पहचान पूछकर जिस तरह से नफरत और विभाजन की साजिश रची और एक आतंकी का पर्यटक से यह कहना, ‘जाओ, अपनी सरकार को बताओ’, दर्शाता है कि यह हमला देश के नेतृत्व को चुनौती देने की कोशिश थी। इसके जवाब में प्रधानमंत्री ने उचित ही देश की एकजुटता पर बल देते हुए इसे पूरे भारत का दुख बताया। सरकार ने इस हमले के जवाब में जो सख्त व त्वरित कदम उठाने की घोषणा की है, उनका दबाव पाकिस्तान पर पड़ना ही था, जो उसकी बौखलाहटपूर्ण प्रतिक्रिया में दिख भी रहा है।


दरअसल, सिंधु जल संधि का निलंबन उसके लिए बड़ा झटका है, क्योंकि सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों का पानी, जो संधि के तहत पाकिस्तान को मिलता है, उसके पंजाब और सिंध प्रांतों की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। भारत का यह कदम, हालांकि तत्काल प्रभाव से पानी की आपूर्ति भले न रोके-क्योंकि इसके लिए बड़े बुनियादी ढांचे की जरूरत होगी-पाकिस्तान पर मनोवैज्ञानिक और रणनीतिक दबाव बनाने के लिए काफी है।


अमेरिका, रूस और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने जिस तरह से हमले की निंदा की है और भारत के प्रति एकजुटता दिखाई है, वह भी पाकिस्तान के कूटनीतिक अलगाव को गहरा ही करेगा, खासकर उन मुस्लिम देशों के साथ, जो अब भारत के साथ मजबूत आर्थिक और रणनीतिक संबंध बना रहे हैं। हवाई क्षेत्र को बंद करना और व्यापार निलंबित करने का निर्णय पाकिस्तान की विकल्पहीनता को ही दर्शाता है, जो उसकी पहले से खस्ताहाल अर्थव्यस्था को और नुकसान पहुंचाएगा।


पाकिस्तान का तो खैर जो होगा, सो होगा, भारत के लिए जरूरी है कि सरकार इस हमले के पीछे की खुफिया विफलताओं और सुरक्षा चूकों की गहन जांच करे। साथ ही, इस हमले का जवाब देते वक्त हमें यह ध्यान रखना होगा कि आंतकियों का मकसद नफरत और विभाजन फैलाना है, और हमें उनके इस मंसूबे को विफल करना होगा।

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